लखनऊ। हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल 2026 का महीना खुशियों और शुभ कार्यों की सौगात लेकर आ रहा है। 15 अप्रैल से खरमास की अवधि समाप्त होने के साथ ही शुभ कार्यों पर लगा विराम भी हट जाएगा। यदि आप भी अपने घर में विवाह समारोह की तैयारी कर रहे हैं तो पंचांग के अनुसार इस महीने विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। ग्रहों की शुभ स्थिति और नक्षत्रों का विशेष संयोग इस महीने होने वाले विवाहों को और भी अधिक यादगार बना देगा।
हिंदू धर्म में खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है। अप्रैल के पहले पखवाड़े तक सूर्य मीन राशि में गोचर करता है, जिसे खरमास कहा जाता है। खरमास का समापन तब होता है जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। सूर्य 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि जैसे शुभ कार्य 15 अप्रैल से पुन: प्रारंभ हो जाते हैं।
शुभ मुहूर्त का महत्व
भारतीय संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों के बीच का संबंध ही नहीं बल्कि दो परिवारों के बीच का एक बंधन भी है। ऐसा माना जाता है कि यदि विवाह शुभ मुहूर्त में संपन्न हो तो वैवाहिक जीवन में शांति और सौहार्द में वृद्धि होती है। पंचांग के अनुसार, तिथि और नक्षत्रों का सही तालमेल एक नए जीवन की शुरूआत को सुख और समृद्धि से परिपूर्ण बनाने में सहायक सिद्ध होता है।
अप्रैल 2026 के विवाह मुहूर्त
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)- त्रयोदशी तिथि के दौरान, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में दोपहर 3:22 बजे से रात 10:31 बजे के बीच विवाह करना अत्यंत शुभ है और यह वैवाहिक जीवन में सफलता लाता है।
20 अप्रैल 2026 (सोमवार)- रोहिणी नक्षत्र में सुबह 4:35 बजे से सुबह 7:28 बजे के बीच विवाह करना अत्यंत शुभ और अनुकूल है।
21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)- विवाह का मुहूर्त मृगशिरा नक्षत्र में सुबह 4:15 बजे से सुबह 5:52 बजे तक है, जो एक शुभ और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए उत्तम है।
25 अप्रैल 2026 (शनिवार)- इस दिन विवाह करना विशेष रूप से शुभ और लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इस दिन पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में संधि काल (दो नक्षत्रों के मिलन का समय) की अवधि बहुत कम होती है।
26 अप्रैल 2026 (रविवार)- मघा नक्षत्र में सुबह 5:47 बजे से रात 8:27 बजे के बीच विवाह करना सबसे अधिक अनुकूल और शुभ है।
27 अप्रैल 2026 (सोमवार)- विवाह का मुहूर्त उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में रात 9:18 बजे से रात 9:35 बजे तक है; ऐसा माना जाता है कि इस मुहूर्त में विवाह करने से परिवार में सुख और समृद्धि आती है।
28 अप्रैल 2026 (मंगलवार)- विवाह के लिए यह पूरा दिन शुभ है, और इस दिन नक्षत्र का प्रभाव भी विवाह के लिए सहायक होता है।
29 अप्रैल 2026 (बुधवार)- हस्त नक्षत्र में सुबह 5:59 बजे से रात 7:52 बजे के बीच विवाह करना अत्यंत शुभ है, जो एक सफल वैवाहिक जीवन के लिए सहायक सिद्ध होता है।
अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त
अप्रैल महीने में अक्षय तृतीया का पर्व भी मनाया जाएगा। यह इस बार 19 अप्रैल को पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन पंचांग देखे बिना या किसी विशेष गणना के बिना भी विवाह संपन्न किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान और सभी शुभ कार्यों से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इससे वैवाहिक जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।





