कार्यक्रम की शुरूआत स्वागत भजन एवं नृत्य, हरिनाम संकीर्तन से हुआ
लखनऊ। अपरिमेय श्याम प्रभु मन्दिर अध्यक्ष, इस्कॉन, लखनऊ के कुशल दिशा निर्देशन एवं इस्कॉन भक्त वृंद के सतत प्रयासों से आनंदम मंगल महा मिलन फूलों की होली का चतुर्थ वर्षीय कार्यक्रम अत्यन्त भव्यता, संगीतमय एवं दिव्यता से सम्पन्न हुआ, जिसमे क्रमश: निम्न कार्यक्रम सम्पन्न हुये। जिसकी शुरूआत स्वागत भजन एवं नृत्य, हरिनाम संकीर्तन से हुआ।
प्रभुजी, जोनल सेक्रेटरी, इस्कॉन, नेपाल, देवकीनंदन प्रभुजी, जोनल सेक्रेटरी, इस्कॉन, उत्तर प्रदेश, अपरिमेय श्याम प्रभु, मंदिर अध्यक्ष, इस्कॉन, लखनऊ एवं आनंद स्वरुप अग्रवाल, चेयरमैन मन्दिर निर्माण कमेटी द्वारा सम्बोधित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रभुपाद यूथ आर्मी द्वारा नाट्य प्रस्तुति, इस्कॉन गर्ल्स फोरम द्वारा नाट्य प्रस्तुति, मुकुंदा रॉक बैंड की प्रस्तुति, फूलों की होली (देशी विदेशी फूलों द्वारा) सुस्वादिष्ट प्रसादम वृहद भंडारा आयोजित किया गया। उक्त समस्त कार्यक्रमों मे मन्दिर मे उपस्थित भक्तो ने झूमते, नाचते एवं संकीर्तन करते हुये खूब आनंद उठाया, प्रस्तुति पर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, और भक्त निरंतर थिरकते हुये आनंद के सागर मे डुबकियाँ लगा रहे थे। फूलों की होली मे 100 कुंतल से अधिक पुष्पों की निरंतर वर्षा से सम्पूर्ण परिसर पुष्पायमान हो गया भक्तों ने भगवान एवं एक दूसरे पर पुष्प वर्षा की और झूमकर नृत्य करते हुये होली खेली। उक्त कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे पत्री प्रभु, जोनल सेक्रेटरी, इस्कॉन नेपाल एवं देवकीनंदन प्रभु, जोनल सेक्रेटरी, इस्कॉन,उत्तर प्रदेश, आनंद स्वरुप अग्रवाल, अध्यक्ष निर्माण कमेटी, श्रीमान लाल बहादुर यादव प्रभु (वाइस चेयरमैन, फेस्टिवल कमेटी) भोक्ताराम प्रभु (वॉइस प्रेसीडेंट), मधुस्मिता प्रभु (वॉइस प्रेसीडेंट) के अतिरिक्त अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनके द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया। देवकीनंदन प्रभुजी ने उपस्थित हजारों भक्तों से निवेदन किया कि आप सब संकल्प ले कि मन्दिर निर्माण में 5100/- रुपए प्रति वर्ग फुट का सहयोग करते हुए अगले वर्ष तक मन्दिर का निर्माण कराकरश्री श्री राधा रमण बिहारी जी से अपना प्रेम प्रदर्शित करें। पत्री प्रभु ने सभी से संकल्प करवाया कि आप सब उपस्थित भक्त प्रतिदिन कम से कम एक घंटे में एक मिनट अर्थात प्रतिदिन 24 मिनट भगवान श्रीकृष्ण का नाम अवश्य लीजिए ’ एक माला सुबह एक माला शाम एवं एक गीता का श्लोक प्रतिदिन अवश्य पढ़िए ’ साथ ही साथ यह भी बताया कि मन्दिर श्रवण के केंद्र हैं इन्हे शिक्षा के केंद्र के रूप मे स्थापित किया जाना होगा कृष्ण भक्ति से शोक, मोह एवं भय समाप्त हो जाता है, इसलिए कृष्ण भक्ति करिये ’ भगवान श्रीकृष्ण का नाम एवं कथा कलयुग की दवा है, इसलिए हमें इसे नित्य करना चाहिए।





