तेहरान/दुबई। ईरान ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को गिरफ्तार कर लिया है। उनके समर्थकों और उनके नाम पर स्थापित फाउंडेशन ने दावा किया है कि उन्हें शुक्रवार (12 दिसंबर, 2025) को मशहद शहर में एक शोकसभा में भाग लेने के दौरान हिरासत में लिया गया।
मोहम्मदी मशहद में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए मानवाधिकार वकील खोसरो अलीकोर्दी की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने गई थीं। नरगिस फाउंडेशन ने बताया कि सुरक्षा और पुलिस बलों द्वारा मोहम्मदी को हिंसक तरीके से हिरासत में लिया गया। इस दौरान उनके साथ कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
ताज़ा जानकारी: मशहद के गवर्नर ने पुष्टि की है कि सभा में शामिल लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिसे उन्होंने “एहतियाती” कार्रवाई बताया, लेकिन मोहम्मदी का नाम नहीं लिया।
जेल से अस्थायी रिहाई पर थीं मोहम्मदी
53 वर्षीय नरगिस मोहम्मदी को दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य कारणों (Medical Furlough) के चलते जेल से अस्थायी रूप से रिहा किया गया था। वह ईरान में “राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ साज़िश” और “सरकार के खिलाफ प्रोपेगैंडा” फैलाने के आरोपों में 13 साल और 9 महीने की सज़ा काट रही हैं।
उल्लेखनीय है कि मोहम्मदी को 2023 में ईरान में महिलाओं के दमन के खिलाफ उनकी लड़ाई और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह अपने जीवन के 30 से अधिक वर्ष जेलों में बिता चुकी हैं और उन्हें अब तक 13 बार गिरफ्तार किया जा चुका है।
नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने मोहम्मदी की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे बर्बर बताते हुए ईरान से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें बिना शर्त तुरंत रिहा करने की मांग की है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी देशों के साथ ईरान के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।





