उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय फिल्म कॉन्क्लेव का आगाज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय फिल्म कॉन्क्लेव 2026 का दो दिवसीय भव्य आयोजन दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन फिल्म सोसाइटी ओर इंडिया और उत्तर प्रदेश टूरिज्म द्वारा किया गया। कार्यक्रम में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों, निमार्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लेकर सिनेमा और उत्तर प्रदेश में उसकी संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। इसमें 11 राज्यों से करीब 150 फिल्मे विभिन्न शैली में प्रदर्शित होने आए हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बॉलीवुड कलाकारों राजेश जैस, आदित्य श्रीवास्तव, जाकिर हुसैन, मीनाक्षी दीक्षित, धीरज सिंह (कुलपति फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट पुणे) को सम्मानित किया कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि फिल्मों के माध्यम से भारत की संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार और बढ़ती आय का उल्लेख करते हुए कहा कि नोएडा में बन रही फिल्म सिटी से फिल्म निर्माण की लागत में कमी आएगी और प्रदेश फिल्म उद्योग का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
फिल्म सोसायटी आॅफ इंडिया के अध्यक्ष रमेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण के असीम अवसर हैं और यह आयोजन एक नई शुरूआत है। वहीं कलाकार आदित्य श्रीवास्तव ने इसे कलाकारों के लिए नए आयाम खोलने वाला मंच बताया।
फिल्म निमार्ता लेखक अमित आर्यन ने कहा कि जहां सबका उत्तर पेश है, वही उत्तर प्रदेश है,और यहां प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है। अभिनेत्री मीनाक्षी दीक्षित ने भी प्रदेश के कलाकारों को अवसर मिलने पर खुशी जताई।
फिल्म निमार्ता सोहन मास्टर ने फिल्म इंडस्ट्री को अन्य उद्योगों की तरह बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, जबकि कलाकार रमेश जैस ने कहा कि किसी शहर की पहचान उसकी संस्कृति से होती है और सिनेमा उस संस्कृति को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने फिल्म और पर्यटन के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।
फिल्म कलाकार जाकिर हुसैन ने कहा कि यह मंच नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा और सामूहिक प्रयास से उत्तर प्रदेश फिल्म क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। वहीं बॉलीवुड अभिनेता आलोक पोरवाल ने बताया कि वे अब तक हजारों कलाकारों को प्रशिक्षण दे चुके हैं और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पूर्व डीजीपी एवं समन्वयक सूर्यकुमार शुक्ल ने जानकारी दी कि ह्यसाकेतह्ण फिल्म की शूटिंग लखनऊ में हुई है, जो राम मंदिर निर्माण की कहानी पर आधारित है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस विजन का उल्लेख किया जिसमें उत्तर प्रदेश को फिल्म हब बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और फिल्म निर्माण पर दी जा रही सब्सिडी को महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एफटीआईआई के कुलपति धीरज सिंह ने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि तकनीक और संस्कृति का संगम है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं में बढ़ते कार्य को सकारात्मक बताते हुए हिंदी सिनेमा को भी समान रूप से प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ आसिफ, डॉ रवि सूर्यवंशी, सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ अल्का निवेदन और समरीन प्रभावी ढंग से किया गया।





