-निगरानी समिति को निर्देश, कोई चोरी-छिपे क्षेत्र में न आए
-नेपाल से आने वाले दो हजार लोगों को सूबे में लाने की तैयारी
लखनऊ। सूबे में आने वाले कामगारों व श्रमिकों को होम क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद उनके स्किल (कौशल) के अनुसार उन्हें रोजगार दिया जायेगा। इसके अलावा जो औद्योगिक इकाईयां संचालित हो रहीं है वहां कामगारों व श्रमिकों को कार्य पर जाने के लिए प्रेरित किया जाये।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने लोकभवन में पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए है कि निगरानी समितियों के द्वारा यह सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी बाहरी व्यक्ति यदि चोरी-छिपे उनके क्षेत्र में आए तो वे प्रशासन को सूचित करें। दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की किसी प्रकार से अवहेलना न की जाये इस बात का भी ध्यान रखा जाये। उन्हें होम क्वारंटाईन के दौरान पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री दी जाये जिससे उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके बाद उन्हें उनके कौशल के हिसाब से रोजगार से जोड़ा जाये।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों को उनकी सहमति से उनके गृह प्रदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने प्रदेश से भेजे जाने वाले ऐसे प्रवासी श्रमिकों की जिलावार सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश से नेपाल राष्ट्र के 2000 लोग वापस जाना चाहते हैं, उनकी वापसी की व्यवस्था की जाए तथा जो लोग यहां रुकना चाहते हैं, उनके लिए आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि विभिन्न राज्यों से प्रदेश वापस आ रहे प्रवासी कामगारों व श्रमिकों के लिए स्थापित क्वारंटीन सेन्टर, आश्रय स्थलों तथा कम्युनिटी किचन की व्यवस्थाओं में सम्बन्धित जिलाधिकारी को सहयोग प्रदान करने के लिए सभी 75 जिलोंं में आईएएस तथा वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को नामित किया गया है। इन अधिकारियों को क्वारंटाईन सेन्टर अथवा आश्रय स्थल आदि पर स्वच्छता सम्बन्धी कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि कम्युनिटी किचन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाया जाए। होम क्वारंटीन के लिए घर भेजे जाने वाले प्रवासी कामगार व श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध करायी जाए। निराश्रित लोगों को राशन किट के साथ-साथ एक-एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन समितियों में नेहरू युवा केन्द्र, युवक मंगल दल, स्वच्छाग्रही, ग्राम चौकीदार आदि को सम्मिलित करते हुए व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
गोरखपुर ने श्रमिकों को लाने का बनाया रिकार्ड
अवस्थी ने बताया किए गोरखपुर में 28 ट्रेन के माध्यम से 27,334 श्रमिक लाये गये हैं जो एक जिले के लिए देश में रिकार्ड है। लखनऊ में 22 ट्रेन, प्रयागराज में 11 ट्रेन सहित प्रदेश के 42 स्टेशनों पर विभिन्न प्रदेशों से ट्रेन लायी जा रही है।
उन्होंने बताया कि देश में सबसे अधिक प्रवासी कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। प्रदेश में अब तक 184 ट्रेन के माध्यम से लगभग 2.25 लाख प्रवासी कामगार, श्रमिक तथा अन्य साधनों से लगभग 1 लाख प्रवासी श्रमिक व कामगार आये हैं।
इस प्रकार प्रदेश में पिछले 4 दिनों में लगभग 3.25 लाख कामगार व श्रमिक ट्रेन एवं अन्य साधनों से लाये जा चुके हैं जिन्हें खाद्यान्न देकर घर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में आज 16 ट्रेन आ चुकी हैं जबकि कुल 55 ट्रेन शाम तक आएंगी। इस प्रकार आज कुल 55 ट्रेन के माध्यम से लगभग 70 हजार प्रवासी श्रमिक व कामगार आज और वापस आएंगे।
उन्होंने बताया कि अर्न्तजनपदीय व्यवस्था के तहत बसों के माध्यम से भी कामगारों व श्रमिकों को उनके घर पहुंचाया जायेगा।
बाराबंकी, आजमगढ़, आगरा, कानपुर, जौनपुर, बरेली, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, मऊ, कन्नौज, बांदा, हरदोई, अयोध्या, सोनभद्र, गोण्डा, सीतापुर, उन्नाव, बस्ती, कासगंज, मानिकपुर (चित्रकूट), सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, अम्बेडकरनगर, फतेहपुर, फरूर्खाबाद, चन्दौली, हमीरपुर, कुशीनगर, एटा, जालौन (उरई), इटावा, रामपुर, शाहजहांपुर तथा अलीगढ़ आदि जनपदों में भी प्रवासी कामगारों को लेकर ट्रेन पहुंच चुकी है या पहुंच रही हैं।
लॉकडाउन तोड़ने वाले 42,031 के विरूद्ध मुकदमा
अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लॉक डाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 42,031 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 35,74,475 वाहनों की सघन चेकिंग में 38,392 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 17,04,64,902 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं के लिए कुल 2,23,332 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 772 लोगों के खिलाफ 606 एफआईआर दर्ज करते हुए 279 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फेक न्यूज पर





