भुज। 77वें गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर गुजरात के सीमावर्ती भुज जिले में देशभक्ति और स्वदेशी शक्ति का एक अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। ‘ग्रेट रन ऑफ कच्छ’ के धोरडो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप पूज्य बापू की विरासत खादी से निर्मित दुनिया के सबसे विशाल स्मारकीय तिरंगे का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस गौरवशाली क्षण के दौरान भारतीय सेना और बीएसएफ के जवानों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ तिरंगे को सलामी दी, वहीं देशभर के लाखों खादी कारीगरों ने वीडियो संदेशों के माध्यम से इस तिरंगे को नमन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह आयोजन न केवल राष्ट्र की आन-बान-शान का प्रतीक बना, बल्कि इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीर जवानों के त्याग को भी याद किया गया।

इस अवसर पर कच्छ की अदम्य जिजीविषा और भुज भूकंप की 25वीं स्मृति को भी भावपूर्ण रूप से स्मरण किया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भूकंप के बाद कच्छ के हुए सुनियोजित पुनर्विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत स्थानीय कारीगरों को आधुनिक उपकरण एवं टूलकिट वितरित किए गए।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष ने इस दौरान एक वीर शहीद की पत्नी को सम्मानित कर उनके बलिदान को नमन किया। अध्यक्ष ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि कच्छ के रन में दुनिया के सबसे बड़े खादी तिरंगे का प्रदर्शन पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है, जो भारत की विकास यात्रा और स्वदेशी के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।






