जोरहाट। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने उनके एवं उनकी पत्नी के पाकिस्तान के साथ संबंध होने के आरोपों को बुधवार को खारिज करते हुए इन्हें मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के दिमाग की उपज करार दिया।गोगोई ने साथ ही कहा कि ऐसे दावे मुख्यमंत्री की कमजोरी को उजागर करते हैं और यह भी दिखाते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मामले में वह किस हद तक जा सकते हैं।जोरहाट से सांसद ने कहा कि शर्मा द्वारा किए जा रहे हमलों और कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों में स्पष्ट अंतर है।गोगोई ने कहा, शर्मा जो कह रहे हैं और मैं उनके खिलाफ जो कह रहा हूं, उसमें फर्क है – उनके बेतुके आरोप केवल उनके दिमाग की उपज हैं और ये राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे बेहद गंभीर मुद्दे से संबंधित हैं।
उन्होंने दावा किया, हम उनके (शर्मा के) परिवार, उनकी संपत्ति, भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र द्वारा उनकी पत्नी की कंपनी को दिए जा रहे लाभ के बारे में जो कुछ भी कह रहे हैं, वह सबके सामने है। उन्होंने कहा कि इस बात के प्रमाण हैं, इस बारे में कई खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, लोग इन आरोपों के संबंध में अदालतों में मुकदमे लड़ रहे हैं तथा सार्वजनिक रूप से एवं मीडिया में प्रकाशित साक्ष्यों की एक पूरी सूची मौजूद है।
गोगोई ने कहा कि शर्मा द्वारा लगाए जा रहे आरोप ‘‘कोरी कल्पना मात्र हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीति से ऊपर होनी चाहिए। एक मुख्यमंत्री को गरिमापूर्ण व्यवहार करना चाहिए और इस गंभीर मामले पर ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगाने चाहिए।
शर्मा, गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ क्लेयर गोगोई पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का आरोप लगाते रहे हैं और उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।
गोगोई ने दावा किया कि ऐसे आरोप शर्मा की कमजोरियों और असुरक्षाओं को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा, इससे पता चलता है कि वह कांग्रेस को कितना बड़ा खतरा समझते हैं। इससे पता चलता है कि वह कीचड़ उछालने के लिए किस हद तक जा सकते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मामले का भी इसके लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि इन आरोपों ने उनके परिवार को और मजबूत बनाया है।
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन आरोपों पर ‘‘अनगिनत सवालों’’ के जवाब दिए हैं, लेकिन शर्मा ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया है कि ‘‘करदाताओं का पैसा उनकी पत्नी की कंपनी के लिए क्यों आवंटित और स्वीकृत किया जा रहा है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व भय और धमकी की राजनीति कर रहा है।उन्होंने कहा, अगर आप इस सरकार की आलोचना करते हैं, तो आपको जेल में डाल दिया जाता है, योजनाओं से वंचित कर दिया जाता है। यह लोकतंत्र की राजनीति नहीं बल्कि फासीवाद है और असम के लोग इससे बेहतर पाने के हकदार हैं।





