जयपुर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महज एक गलतफहमी और लापरवाही ने तीन महिलाओं सहित चार लोगों की जान ले ली। पुलिस द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, जिले के अलोली गांव में बृहस्पतिवार रात कुछ लोगों ने गलती से एक जहरीले रसायन को शराब समझकर पी लिया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि इन चारों व्यक्तियों की मौत ‘मेथनॉल कार्बनिक सॉल्ट’ के सेवन से हुई है। यह वही रसायन है जिसका उपयोग आमतौर पर शादियों और बड़े आयोजनों में बर्तनों के नीचे खाना गर्म रखने के लिए ईंधन (फ्यूल) के रूप में किया जाता है। चूंकि यह तरल पदार्थ देखने में पानी या पारदर्शी शराब जैसा प्रतीत होता है, इसलिए पीड़ितों ने इसे पहचानने में घातक चूक कर दी।
इस दुखद घटना की शुरुआत एक विवाह कार्यक्रम से हुई, जहां एक ही समुदाय की कुछ महिलाएं बर्तन मांजने और साफ-सफाई के काम के लिए गई थीं। वहां से लौटते समय वे चोरी-छिपे टेंट में रखी प्लास्टिक की चार बोतलें अपने साथ ले आईं, जिसमें उन्हें लगा कि शराब भरी हुई है। बृहस्पतिवार को जब परिवार के सदस्यों ने इस पदार्थ का सेवन शुरू किया, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। आनन-फानन में परिजन उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर ले गए, लेकिन जहर का असर इतना गहरा था कि उपचार के दौरान तीन लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि चौथी महिला की मौत भीलवाड़ा के अस्पताल में हुई।
मृतकों की पहचान जमनी बाई (62), सुशीला देवी (48), रतन (49) और बदामी देवी के रूप में हुई है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं ताकि रसायन की सटीक प्रकृति की पुष्टि की जा सके। वहीं, सभी शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है और एक बार फिर रसायनों के असुरक्षित रख-रखाव और उनके जानलेवा खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घातक लापरवाही दोबारा न हो।





