लखनऊ । पीजीआई इलाके में बुधवार रात ट्यूशन पढ़ाकर स्कूटी से घर लौट रही एक छात्रा को एक सिरफिरे पूर्व प्रेमी ने रोक लिया और स्कूटी से गिराकर दुपट्टे के सहारे घसीटकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। यही नहीं उक्त युवती ने जब विरोध किया तो आरोपी ने धारदार नुकीली लोहे की वस्तू से उसपर हमला कर दिया । शोर सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े तो आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ था। इसी बीच चीख सुनकर मौजूद युवक ने उसे कमांड अस्पताल पहुंचाया जहां पर उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल पीजीआई पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद उक्त आरोपी को शुक्रवार की प्रात: दबोच लिया और पूछताछ के बाद जेल रवाना कर दिया।
पीजीआई की एक कॉलोनी में पूर्व सैन्यकर्मी की 20 साल की बेटी अपने परिवार संग रहती है। युवती बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम करती है। रोज की तरह बुधवार रात करीब सात बजे युवती ट्यूशन पढ़ाने के बाद स्कूटी से वापस घर लौट रही थी। इस बीच कॉलोनी में रहने वाले पंकज रावत ने युवती को स्कूटी से अकेला देख उसको रोक लिया। इस दौरान युवती को स्कूटी से गिरा दिया और उसकी स्कूटी पंचर कर दी। इसके बाद आरोपी पंकज रावत ने युवती का दुपट्टा पकड़कर उसको घसीटने का प्रयास किया और युवती से दुष्कर्म का प्रयास किया। युवती ने विरोध किया तो आरोपियों ने धारदार हथियार से उसपर हमला कर दिया।
हमले में युवती के सर, पीठ, हाथ व अन्य जगहों पर घाव हुए हैं । युवती ने मदद के लिए शोर मचाया तो आसपास के लोग उसकी आवाज सुनकर मद के लिए दौड़ पड़े। भीड़ को आता देख आरोपी वहां से भाग खड़े हुए। खबर पाकर युवती के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उन लोगों ने फौरन घायल युवती को इलाज के लिए कमांड अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस मामले में युवती के परिजनों ने आरोपी पंकज रावत व दो अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर पीजीआई राणा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी पंकज रावत को शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय रेवतापुर के पीछे जंगल में नाले के पास से पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया।वही बताया जा रहा है कि करीब 6 महीने पहले भी आरोपी ने छात्रा से छेड़छाड़ की थी जिसकी शिकायत परिजनों ने पीजीआई पुलिस के करी थी
कालोनी के लोगों ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
सरेराह युवती के साथ हुई इस घटना से नाराज कॉलोनी के लोगों ने बृहस्पतिवार कॉलोनी में घूम-घूमकर प्रदर्शन किया। उन लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और दोबारा ऐसी घटना किसी के साथ न हो इसके लिए पुलिस से इलाके में सुरक्षा-व्यवस्था को बढ़ाए जाने की मांग रखी थी।
अस्पताल पहुंच कर पीड़िता और उसके परिजनों से मिली महापौर
लखनऊ की मेयर पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंची और उसका हाल लिया। उन्होंने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए कड़े शब्दों में आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है एवं पीड़ित परिवार को हर संभव मदद से आश्वस्त किया है।उन्होंने बताया कि पीड़िता अब खतरे से बाहर है और परिजनों की तहरीर पर पीजीआई थाने में अभियोग भी पंजीकृत कर लिया गया है, जल्द से जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।साथ ही इस प्रकार की निंदनीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए इसके लिए मुख्यमंत्री से मिल कर उनसे वार्ता करने की बात भी महापौर ने कही है।





