लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज से राज्य में आए हर व्यक्ति की जांच कराकर जरूरत पडऩे पर पृथक करने की कार्रवाई के निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा कि राज्य में कहीं पर लोग बिना बताए समूह में रह रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सरकार ने मरकज से लौटे लोगों से आह्वान किया है कि वे स्वहित और समाज के हित में खुद सामने आकर अपने बारे में सूचना दें। गृह विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री आज गाजियाबाद के दौरे पर गए थे लेकिन दिल्ली के तब्लीगी मरकज में हुई घटना के मद्देनजर अपना दौरा जल्द खत्म करके लखनऊ आ गए। उसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की।
योगी ने कहा कि मरकज में शिरकत करके उत्तर प्रदेश आए हर व्यक्ति की जांच कराई जाए। अगर जरूरत पड़े तो उन्हें पृथक करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि मरकज से लौटे लोग जहां कहीं भी हैं, उनकी जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाए। मरकज से लौटकर जो 157 लोग प्रदेश में आए थे उनमें से 95 प्रतिशत का पता लगाया जा चुका है। जो 1012 रह गए हैं उनका आज शाम तक पता लगा लिया जाएगा। हर हालत में उनका ब्लड टेस्ट कराया जाएगा। कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाने के बाद भी उनकी निगरानी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभी तक किसी के भी जांच में इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है। हमारी यह अपील और आह्वान है कि जहां भी ऐसे लोग हैं, वे खुद सामने आकर इसकी सूचना प्रशासन को दें। वह उनके हित में भी है और समाज के हित में भी। अवस्थी ने कहा कि अगर कहीं पर लोग इकट्ठा हैं या समूह में रह रहे हैं या सूचना नहीं दी है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कहीं पर अगर लोगों के छुपे होने की सूचना है तो निकटस्थ थाने या नियंत्रण कक्ष पर इत्तेला दे दें। ऐसे लोगों को हम पहले तो समझाएंगे और जरूरत पड़ने पर कार्वाई करेंगे।





