back to top

आनन्द की प्राप्ति

जगत में विद्यमान प्रत्येक वस्तु की एक विशेषता होती है। उसका अपना स्वभाव होता है। उसका अपना गुण होता है। वस्तु की इसी विशेषता, स्वभाव या गुण को ही धर्म कहते हैं। उदाहरणार्थ-पानी का गुण या स्वभाव शीतलता प्रदान करना या सृष्टि के प्राणिमात्र की प्यास बुझाना है। इसी प्रकार अग्नि का गुण ताप और प्रकाश प्रदान करना है। सरिता का स्वभाव सतत् प्रवाहित रहना है। पक्षियों का स्वभाव सतत् चहकते, फुदकते, उड़ते हुये आनन्दित होते रहना है।

पशुओं का भी स्वभाव चौकड़ी भरते हुये मस्ती भरे जीवन का आनन्द उठाना है। केवल मनुष्य के सम्पर्क में आने वाले पशु-पक्षी ही, जो मनुष्य की अधीनता का जीवन जीते हैं, उन्हें पराधीनता के कारण आनन्दमय जीवन से वंचित रह जाना पड़ता है और दु:खी जीवन जीने के लिये विवश होना पड़ता है। इसी प्रकार मनुष्य का एक मात्र धर्म ‘आनन्द’ ही है। वह सदा आनन्द प्राप्ति की दिशा में ही उन्मुख रहता है।

यह बात दूसरी है कि परिस्थितियों की पराधीनता के कारण उसे आनन्द रहित जीवन जीने के लिये विवश होना पड़ता है, परन्तु सतत उसकी चिन्तन की धारा दु:ख से त्राण पाकर आनन्द प्राप्ति की ओर ही प्रवाहित रहती है। मनुष्य समाज के तत्वान्वेषी ऋषि, मुनि, सन्त, महात्मा, विचारक, चिन्तक आदि जितने भी महापुरुष हो गये हैं तथा जिन्होंने धर्मशास्त्रों का प्रणयन किया है, उन सभी ने एक स्वर से दु:ख से त्राण पाने का उपाय और सुख प्राप्ति का मार्ग ही बताया है।

समाज को सुख मिले उसे सामाजिक धर्म, जिससे राष्ट्र खुशहाल हो, उसे ‘राष्ट्र धर्म’, जिससे विश्व सुखी हो, उसे सार्वभौम धर्म और जिससे प्राणिमात्र सुख की अनुभूति करें, ऐसे धर्म को ‘सनातन धर्म’ कहा गया है। यों तो ‘धर्म’ संस्कृत भाषा का एक शब्द है जिसकी शाब्दिक उत्पत्ति ‘धृञ’=धारणे’ धातु से हुई है। महर्षि व्यास जी ने धर्म की परिभाषा इस प्रकार की है, धारणाद्धर्म इत्याहुधर्मों धारयते प्रजा:। यत्स्पाद् धारणासयुक्तं स धर्म इति निश्चय:।।

अर्थात धारण करने से इसका नाम धर्म है। धर्म ही प्रजा को धारण करता है। वही निश्चय ही धर्म है। महामुनि कणाद ने कहा है, यतोष्भ्यूदय निश्श्रेयससिद्धि: स धर्म: अर्थात जिससे इस लोक और परलोक दोनों स्थानों पर सुख मिले, वही धर्म है। आधार उसे कहते हैं, जिसके सहारे कुछ स्थिर रह सके, कुछ टिक सके। हम चारों ओर जो गगनचुम्बी इमारतें देखते हैं, उनके आधार नींव के पत्थर होते हैं। इसी पर वे स्थिर हैं। इसी पर वे टिके हुए हैं। प्रत्येक पदार्थ किसी न किसी आधार पर ही अवस्थित हैं। यहाँ तक कि ग्रह, नक्षत्र, तारे, जो अन्तरिक्ष में, शून्य मे अवस्थित प्रतीत होते हैं, वे भी एक-दूसरे की आकर्षण शक्ति को आधार बनाये हुये हैं। आधार रहित कुछ भी नहीं है।

RELATED ARTICLES

खरमास खत्म लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार

लखनऊ। हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना...

उत्तराखण्डी मशहूर लोकगायक गोविन्द दिगारी ने मचाई धूम

उत्तरायणी कौथिग-2026 रजत जयंती वर्ष के मेले का पंचम दिवस लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के पंचम दिवस का मुख्य आकर्षण उत्तराखण्ड...

पद्मश्री अनूप जलोटा की सुमधुर प्रस्तुति से सजेगा भातखण्डे का मंच

बेगम अख्तर की स्मृति में होगा आयोजनलखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में भारतीय संगीत की महान परंपरा को सजीव बनाए रखने तथा देश की...

खरमास खत्म लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार

लखनऊ। हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना...

उत्तराखण्डी मशहूर लोकगायक गोविन्द दिगारी ने मचाई धूम

उत्तरायणी कौथिग-2026 रजत जयंती वर्ष के मेले का पंचम दिवस लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के पंचम दिवस का मुख्य आकर्षण उत्तराखण्ड...

पद्मश्री अनूप जलोटा की सुमधुर प्रस्तुति से सजेगा भातखण्डे का मंच

बेगम अख्तर की स्मृति में होगा आयोजनलखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में भारतीय संगीत की महान परंपरा को सजीव बनाए रखने तथा देश की...

बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा का भावपूर्ण प्रसंग

चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में आयोजितलखनऊ। चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ...

गीता रसामृतम में भक्तों ने जाना सुखी जीवन, शुभ एवं अशुभ कर्मों का रहस्य

दो दिवसीय श्रीमद भगवत गीता ज्ञान महोत्सव गीता रसामृतम का आयोजनलखनऊ। श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन)सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ द्वारा दो दिवसीय...

हरे कृष्णा, हरे रामा और गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो से गूंजा अर्बन शेल्व्स

अर्बन स्लेव्स अपने सुसज्जित इंटीरियर्स और सुरुचिपूर्ण वातावरण के लिए देशभर में प्रसिद्ध लखनऊ। नवनिर्मित अर्बन स्लेव्स में इस्कॉन टेंपल की टीम ने सकारात्मक ऊर्जा...