back to top

उत्तराखंड बाढ़ आपदा के कारण सुरंग में फंसे 25-35 लोगों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी : शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि उत्तराखंड में रविवार को ऋषिगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण एक सुरंग में फंसे, एनटीपीसी की निर्माणाधीन परियोजना के करीब 25 से 35 कर्मियों को निकालने का कार्य युद्घस्तर पर जारी है। इस हादसे में एक अन्य सुरंग में फंसे 15 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

शाह ने राज्यसभा में उत्तराखंड बाढ़ आपदा पर स्वत: आधार पर दिए गए एक बयान में कहा कि सात फरवरी को सुबह लगभग दस बजे उत्तराखंड के चमोली जिले में अलखनंदा की एक सहायक नदी ऋषिगंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हिम स्खलन की एक घटना घटी। इसके कारण ऋषिगंगा नदी के जल स्तर में एकाएक काफी वृद्धि हो गई। उन्होंने कहा कि ऋषिगंगा में आई बाढ़ के कारण 13.2 मेगावाट क्षमता की एक पनबिजली परियोजना पूरी तरह बह गई। इस बाढ़ के कारण निचले इलाके तपोवन में एनटीपीसी की निर्माणाधीन 520 मेगावाट की पनबिजली परियोजना को भी नुकसान पहुंचा।

शाह के अनुसार, उत्तराखंड सरकार ने बताया है कि अब निचले क्षेत्र में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। साथ ही जल स्तर में भी कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य की सभी एजेंसियां स्थिति पर कड़ी निगाह रखे हुए हैं। गृह मंत्री ने उपग्रह से मिली सूचनाओं को साझा करते हुए कहा कि समुद्रदल से करीब 5,600 मीटर ऊपर हिमनद के मुहाने पर हिमस्खलन हुआ। यह हिमस्लखन लगभग 14 वर्ग किलोमीटर जितना बड़ा था। इसी के कारण ऋषिगंगा के निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई।

शाह ने उत्तराखंड सरकार से मिली सूचना को साझा करते हुए कहा कि सोमवार की शाम पांच बजे तक इस आपदा में 20 लोगों की जान जा चुकी थी और छह लोग घायल हुए। इस आपदा में 197 लोग लापता हुए जिसमें एनटीपीसी की निर्माणाधीन परियोजना के 139 कर्मचारी, ऋषिगंगा कार्यरत परियोजना के 46 कर्मचारी और 12 ग्रामीण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी के 12 व्यक्तियों को एक सुरंग से सुरक्षित बचा लिया गया है। ऋषिगंगा परियोजना के 15 लोगों को भी घटना के समय बचा लिया गया था।

शाह ने कहा, एनटीपीसी की एक अन्य सुरंग में अंदाजन 25 से 35 लोग फंसे हुए हैं। इन लोगों को बचाने का प्रयास युद्धस्तर पर जारी है। साथ ही लापता व्यक्तियों को ढूंढने का काम भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के निकट परिजन को चार-चार लाख रूपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। शाह ने कहा कि घटना स्थल के समीप के 13 गांवों से संपर्क बिलकुल कट गया है। इन गांवों में रसद, जरूरी सामान और दवा आदि सामग्रियों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाया जा रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा उच्च स्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के दोनों नियंत्रण कक्ष भी स्थिति पर 24 घंटे निगाह रख रहे हैं तथा राज्य सरकार को हर-संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत राज्य मंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर वहां चलाए जा रहे राहत कार्यों का जायजा लिया है। आईटीबीपी ने वहां अपना राहत केंद्र स्थापित कर लिया है और बल के 450 जवान राहत कार्यों में लगे हुए हैं।

शाह ने कहा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के पांच दल भी मौके पर पहुंच गए हैं। सेना के आठ दल, जिनमें एक अभियांत्रिकी दल भी शामिल है, घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटे हैं। एक मेडिकल कॉलम और दो एम्बुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात हैं। इस काम में नौसेना के एक गोताखोर दल और वायुसेना के पांच हेलीकाप्टरों को भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में भी एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

गृह मंत्री ने बताया, जिस सुरंग में लोग फंसे हैं, वहां रात भर सेना के अथक प्रयासों के बाद मुहाने पर जमा मलबे को हटाकर काफी अंदर तक प्रवेश किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सात फरवरी को शाम साढ़े चार बजे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक कर बचाव एवं राहत कार्यों के बारे में विचार विमर्श किया गया। शाह ने कहा कि आपदा एवं बचाव कार्यों में राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियां भी जुटी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी स्थानों पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है।

उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राहत एवं बचाव कार्य के लिए जो भी आवश्यक कार्य हैं, उन्हें राज्य सरकार के साथ मिलकर कर रही है तथा इसके लिए जिस भी सहायता की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद सभी सदस्यों ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में कुछ पलों तक अपने स्थानों पर खड़े होकर मौन रखा। सभापति ने दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए उम्मीद जताई कि इस आपदा के बाद चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्य से लोगों को समुचित लाभ मिलेगा।

RELATED ARTICLES

श्रीलंका की यात्रा करने वाले विदेशी पर्यटकों में सबसे आगे रहे भारतीय

कोलंबो।साल 2025 में कुल 23 लाख पर्यटकों ने श्रीलंका की यात्रा की, जिनमें सबसे अधिक संख्या भारतीयों की रही। पर्यटन प्राधिकरण के आंकड़ों में...

माघ मेले में मौनी अमावस्या पर 3.15 करोड़ लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई

प्रयागराज। प्रयागराज में जारी माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर दोपहर 12 बजे तक 3.15 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में...

कांग्रेस ने अपने शासन में वोट के लिए असम की जमीन घुसपैठियों को सौंप दी: PM मोदी

कलियाबोर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने पूर्वाेत्तर राज्य असम में अपने शासनकाल के दौरान वोट के लिए...

खरमास खत्म लेकिन मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार

लखनऊ। हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद अभी शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए थोड़ा इंतजार करना...

उत्तराखण्डी मशहूर लोकगायक गोविन्द दिगारी ने मचाई धूम

उत्तरायणी कौथिग-2026 रजत जयंती वर्ष के मेले का पंचम दिवस लखनऊ। पर्वतीय महापरिषद लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के पंचम दिवस का मुख्य आकर्षण उत्तराखण्ड...

पद्मश्री अनूप जलोटा की सुमधुर प्रस्तुति से सजेगा भातखण्डे का मंच

बेगम अख्तर की स्मृति में होगा आयोजनलखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ में भारतीय संगीत की महान परंपरा को सजीव बनाए रखने तथा देश की...

बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा का भावपूर्ण प्रसंग

चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में आयोजितलखनऊ। चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ...

गीता रसामृतम में भक्तों ने जाना सुखी जीवन, शुभ एवं अशुभ कर्मों का रहस्य

दो दिवसीय श्रीमद भगवत गीता ज्ञान महोत्सव गीता रसामृतम का आयोजनलखनऊ। श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन)सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ द्वारा दो दिवसीय...

हरे कृष्णा, हरे रामा और गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो से गूंजा अर्बन शेल्व्स

अर्बन स्लेव्स अपने सुसज्जित इंटीरियर्स और सुरुचिपूर्ण वातावरण के लिए देशभर में प्रसिद्ध लखनऊ। नवनिर्मित अर्बन स्लेव्स में इस्कॉन टेंपल की टीम ने सकारात्मक ऊर्जा...