back to top

उप्र में बादलों ने लगाया सूर्य ग्रहण देखने की ख्वाहिश पर ग्रहण

लखनऊ। मानसून के कारण छाए बादलों ने रविवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण देखने की लोगों की इच्छा पर ग्रहण लगा दिया। सूर्य ग्रहण देखने के लिए लोगों ने तरह-तरह के इंतजाम किए थे, लेकिन राज्य के अनेक हिस्सों में कल रात से शुरू हुई बारिश और दिन भर बादल छाए रहने की वजह से ज्यादातर लोग यह दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं देख सके।

सूर्य ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी, सूरज और चांद बिल्कुल सीधी रेखा में आमने-सामने आ जाते हैं। साल का पहला सूर्य ग्रहण देखने के लिए इंदिरा गांधी तारामंडल में प्रबंध किए गए थे। तारामंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सूर्य ग्रहण देखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। इस दौरान सामाजिक दूरी तथा अन्य जरूरी निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया था।

इंदिरा गांधी तारामंडल के राज्य परियोजना समन्वयक अनिल यादव ने बताया कि लखनऊ में सूर्य ग्रहण पूर्वान्ह 9:27 पर शुरू हुआ था और यह अपराहन 2:02 तक रहा। मगर आसमान में बादल छाए रहने की वजह से लोग इस खगोलीय घटना को नहीं देख सके। दिन में करीब 1:00 बजे कुछ वक्त के लिए सूर्य ग्रहण नजर आया जिसे बमुश्किल 100-150 लोग ही देख पाए।

उन्होंने यह भी बताया कि अब अगला सूर्य ग्रहण लखनऊ में वर्ष 2034 में दिखाई देगा। वहीं, भारत के अन्य स्थानों पर वर्ष 2031 में इसके दीदार होंगे। हालांकि प्रदेश के सोनभद्र, बलिया तथा कुछ अन्य शहरों में सूर्य ग्रहण देखे जाने की खबरें मिली है।

RELATED ARTICLES

PM मोदी ने पश्चिम बंगाल में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की

मालदा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के बीच ‘कनेक्टिविटी’ को मजबूत बनाने तथा विकास को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को...

फिल्म दृश्यम 3 के जरिए एक बार फिर बड़े पर्दे पर जादू बिखेरने को तैयार हैं श्रिया सरन

मुंबई । फिल्म ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ में अपनी सादगी और बेहतरीन अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाली अभिनेत्री श्रिया सरन इन दिनों...

एचडीएफसी बैंक का मुनाफा तीसरी तिमाही में 12 प्रतिशत बढ़ा

मुंबई। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 12.17...

हर्षण और सर्वार्थ सिद्धि योग में मौनी अमावस्या आज

मौनी अमावस्या आज, स्नान-दान का विशेष महत्व लखनऊ। माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या मौनी अमावस्या या माघ अमावस्या के रूप में मनाई जाती...

उत्तरायणी कौथिग : नृत्य नाटिका देख अभिभूत हुआ जनमानस

रजत जयंती वर्ष के मेले का चतुर्थ दिवसलखनऊ। पर्वतीय महापरिषद लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के चतुर्थ दिवस की बेला पर आगंतुकों से खचाखच...

लखनऊ के पांच कलाकारों की कृतियां अंतरराष्ट्रीय प्रिंट बिनाले में प्रदर्शित

राष्ट्रीय ललित कला अकादमी द्वारा आयोजितलखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ सदैव से कला की एक समृद्ध और सशक्त परंपरा की वाहक रही है, जिसकी...

आयी रे बसंत बहार कुहुक बोले कोयलिया…

लोक चौपाल में बसन्त का स्वागत, गोमती तट पर उड़ी रंग-बिरंगी पतंगें लखनऊ। बसन्त के स्वागतार्थ लोक संस्कृति शोध संस्थान की 82वीं लोक चौपाल शनिवार...

जीवन में संतुलन, सुख-शांति व समृद्धि के लिए तुलादान का पुण्य लाभ

तुला को संतुलन, न्याय और विश्वास का प्रतीक माना जाता हैलखनऊ। माघ मास में गंगा-यमुना सहित देश की विभिन्न पवित्र नदियों के तटों और...

धूमधाम से मना भगवान ऋषभदेव का मोक्ष कल्याणक महोत्सव

गोमती नगर विशाल खंड स्थित जैन मंदिरलखनऊ। गोमती नगर विशाल खंड स्थित जैन मंदिर में प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 भगवान श्री ऋषभदेव का मोक्ष...