नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर गुरुवार से शुक्रवार तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह साझेदार देशों के साथ जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अब्बे डेस वॉक्स-डी-सेर्ने पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट के आमंत्रण पर इस बैठक में शामिल होंगे और अलग-अलग देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी कर सकते हैं।
फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्रालय की ब्रीफिंग के मुताबिक, बैठक में यूक्रेन युद्ध, पुनर्निर्माण, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फावरेक्स ने बताया कि यह बैठक यूएन महासभा के दौरान हुई अनौपचारिक चर्चाओं के बाद हो रही है और आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन की तैयारी का अहम चरण होगी।
ब्रीफिंग में कहा गया कि यह प्रक्रिया जून में होने वाले इवियन समिट की तैयारी के रूप में आगे बढ़ेगी। मंत्री स्तर की यह चर्चा नेताओं के बीच होने वाली वार्ता के नतीजों को आकार देने में मदद करेगी। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में तात्कालिक वैश्विक संकटों के साथ-साथ दीर्घकालिक संरचनात्मक चुनौतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा और ठोस परिणाम निकालने की कोशिश होगी।
यूक्रेन पर विशेष फोकस रहेगा, जिसमें पुनर्निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सत्र होंगे। इसमें परमाणु सुरक्षा, मानवीय डीमाइनिंग और पुनर्निर्माण के लिए फंडिंग व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही यूरोपीय बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा, खासकर निवेश जुटाने के संदर्भ में।
बैठक में समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन की मजबूती पर भी विचार होगा। एक अलग सत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
वैश्विक शासन के मुद्दे पर जी-7 देश बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत करने और सुधारों को आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे। ब्रीफिंग में कहा गया कि नई चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक और समन्वित वैश्विक ढांचा विकसित करने की जरूरत है।
इस बैठक में भारत, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ब्राजील और यूक्रेन जैसे गैर-जी7 देशों को भी आमंत्रित किया गया है, जो समूह की व्यापक साझेदारी को दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार, सभी सत्र गुरुवार और शुक्रवार सुबह तक पूरे होंगे, जबकि साइड इवेंट्स और वर्किंग लंच के जरिए विस्तृत बातचीत के अवसर भी मिलेंगे।





