गीता रसामृतम मे ज्ञान पाकर भक्त घर-घर पढ़ेंगे अपनी धूल खा रही गीता
लखनऊ। श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ द्वारा दो दिवसीय दिव्य एवं भव्य गीता ज्ञान महोत्सव गीता रसामृतम का आयोजन विंट क्लब, शहीद पथ, लखनऊ में किया गया। प्रथम दिवस का प्रारम्भ श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी मन्दिर अध्यक्ष, इस्कॉन, लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश के यशस्वी उप मुख्यमंत्री श्रीमान बृजेश पाठक ने दीप प्रज्जवलित कर किया। दिव्य हरिनाम संकीर्तन एवं मुकुंदा रॉक बैंड की शानदार आध्यत्मिक प्रस्तुति पर भक्त झूमकर नाचते हुए आंनद के सागर में डूबते रहे। इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष एवं वक्ता श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु जी ने “गीता रसामृतम सत्संग मे बताया कि अधिकतर संसार मे हम अपनी पहचान अपने नाम, ख्याति एवं अपने शरीर से करते हैं, लेकिन वास्तव में हम भगवान के अंश हैं। हम जीवात्मा हैं और हम जितना सुख लेना चाह रहे हैं, वह शरीर के स्तर पर पा लेना चाह रहे हैं।
शरीर से मिलने वाला सुख क्षणिक है स्थाई सुख नही है। स्थायी सुख ऐसा सुख है, जो निरन्तर बढ़ता जाए उसे आनंद बोलते हैं। आनंद को प्राप्त करने के लिये हमे आध्यात्मिक जीवन को गंभीरता से लेना पड़ेगा फिर निश्चित रूप से हम आनंद को प्राप्त कर सकते हैं और आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति के लिये अध्यात्मिक ज्ञान का होना अति आवश्यक है। बिना आध्यात्मिक ज्ञान के कोई भी व्यक्ति आध्यात्मिक जीवन को सही विधि से नही अपना सकता है।
सामान्य तौर पर देखा जाता है कि संसार मे बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो आध्यात्मिक जीवन को अपनाने में वास्तव में आध्यात्मिक ज्ञान को गंभीरता से नहीं लेते और कोई भी ज्ञान तब एक फलीभूत नहीं होता जब तक क्रमबद्ध तरीके से न लिया जाए तो वह ज्ञान हमारे जीवन पर प्रभाव नहीं डालता। अत: वह ज्ञान हमारे हृदय में उतर नहीं पाता। इसी प्रकार से आध्यात्मिक जीवन को क्रमबद्ध तरीके से लेना चाहिए और इसी परम्परा में दो दिवसीय गीता ज्ञान महोत्सव रखा गया। इसके बाद 64 दिनों की भक्ति वृक्ष कक्षाओं का आयोजन होगा, जिसके अंतर्गत भक्तों को उचित तरीके से आध्यात्मिक शिक्षा दी जाएगी। श्रीमद भगवत गीता ज्ञान महोत्सव में लखनऊ एवं आस-पास के जनपदों से आये गणमान्य भक्त उपस्थित रहे, सभी भक्तों ने श्रीकृष्ण भगवान के भजन, कीर्तन, नृत्य तथा दिव्य भोजन प्रसाद का आनंद उठाया।





