राजाबाजार में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
लखनऊ। लखनऊ हरिश्चंद्र वंशीय समाज महिला समिति ‘सुहासिनी’ के तत्वावधान में राजाबाजार स्थित ‘गीता भवन’ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को कथा वाचक आचार्य श्री उमेश कुमार मिश्रा जी ने ध्रुव चरित्र और बाल चरित्र की दिव्य कथा सुनाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सबसे उत्तम कला है। ध्रुव का चरित्र हमें सिखाता है कि अगर संकल्प मजबूत हो और ईश्वर पर अटूट विश्वास हो, तो एक छोटा बालक भी कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। आज की युवा पीढ़ी को ध्रुव जैसे दृढ़ संकल्पी बनने की आवश्यकता है। आचार्य जी ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। वे न तो धन-दौलत से रीझते हैं और न ही बड़े-बड़े प्रपंचों से। वे तो केवल शुद्ध और निश्छल प्रेम के वशीभूत होकर भक्त की पुकार सुनते हैं। बालक ध्रुव की कठिन तपस्या और बाल लीलाओं का प्रसंग इसी बात का प्रमाण है कि सच्चे मन से की गई पुकार को प्रभु कभी अनसुनी नहीं करते। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर लखनऊ हरिश्चंद्र वंशीय महिला समिति ‘सुहासिनी’ की अध्यक्ष श्रीमती रागिनी रस्तोगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा रस्तोगी, मंत्री श्रीमती शालिनी रस्तोगी, कोषाध्यक्ष श्रीमती ऋचा रस्तोगी, संगठन मंत्री श्रीमती क्षमा रस्तोगी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती रागिनी रस्तोगी ने बताया कि कथा आगामी 9 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक चलेगी।





