लखनऊ(विशेष संवाददाता)। कोरोना से युद्ध लड़ रही राज्य सरकार ने वित्तीय संसाधनों की तलाश में 16 लाख राज्यकर्मियों तथा 11.82 लाख पेंशनरों को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की नई किस्तों का भुगतान नहीं करने का फैसला लिया है। डीए और डीआर की तीन किस्तों का भुगतान सरकार नहीं करेगी। अब सीधे एक जुलाई 2021 से नई किस्तों का भुगतान होगा।
नगर प्रतिकर सहित आधा दर्जन भत्तों को भी एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है। डीए, डीआर और भत्तों की कटौती करने से सालाना करीब चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आर्थिक बोझ से सरकार को राहत मिलेगी। केंद्र सरकार इस तरह का फैसला पहले ही कर चुकी है। राज्य सरकार ने कोविड-19 से जंग के लिए वित्तीय संसाधनों की तलाश में यह कदम उठाया है।
अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल की ओर से जारी शासनादेश में साफ कहा भी गया है कि कोविड-19 से उत्पन्न संकट को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। राज्य सरकार के राजस्व में भारी कमी आयी है और कोविड-19 के रोकथाम के लिए किये जा रहे उपायों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन की जरूरत है।
राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों और कार्य प्रभारित कर्मचारियों को एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 तथा एक जनवरी 2021 से देय महंगाई भत्ते की किस्त का भुगतान नहीं किया जायेगा। इसी तरह राज्य सरकार के पेंशनरों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं तथा प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के पेंशनरों को इन तीनों अवधि में महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्तों का भुगतान नहीं होगा।
इस अवधि में मौजूदा दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का भुगतान किया जाता रहेगा। एक जुलाई 2021 से देय महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की किस्तों को जारी करने का निर्णय लेने पर उपरोक्त तीनों महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की किस्तों की दरों को सरकार बहाल करेगी। इस दर को एक जुलाई 2021 से प्रभावी होने वाली संशोधित दर में शामिल किया जाएगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि का कोई बकाया नहीं दिया जायेगा।
एक साल के लिए सीसीए सहित छह भत्तों पर भी रोक
प्रदेश सरकार ने इसी कड़ी में नगर प्रतिकर भत्ता, सचिवालय भत्ता के भुगतान पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा पुलिस विभाग की अपराध शाखा, सीबीसीआईडी, आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग, सतर्कता अधिष्ठान-अभिसूचना विभाग, सुरक्षा शाखा तथा विशेष जांच शाखा में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों मिलने वाले विशेष वेतन, अवर अभियंताओं को मिलने वाले विशेष भत्ता, पीडब्ल्यूडी में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलने वाले रिसर्च भत्ता, अर्दली भत्ता तथा डिजाइन भत्ता और सिंचाई विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अनुमन्य आईएंडपी तथा अर्दली भत्ता को स्थगित कर दिया है। ये भत्ते एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक की अवधि के लिए स्थगित किये गये हैं।





