विकसित भारत में लखनऊ की महिलाओं का योगदान होगा अविश्वसनीय
लखनऊ। महिलाओं और किशोरियों के लिए समान अवसरों और सशक्त भविष्य की दिशा में कार्यरत संस्था ब्रेकथ्रू ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम दे ताली: सपनों से सफलता तक का आयोजन गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में किया। इस कार्यक्रम में 55,000 से अधिक युवाओं, अभिभावकों, सामुदायिक नेताओं, कंटेंट क्रिएटर्स और सरकारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिगामी सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देना और विकसित भारत के लक्ष्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में लाना रहा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दे ताली सॉन्ग का लॉन्च रहा, जिसे प्रसिद्ध गायिका सुनिधि चौहान ने प्रो-बोनो स्वर दिया। यह गीत युवा महिलाओं की आकांक्षाओं, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की भावना का प्रतीक है। इसके साथ ही गुफ्तगू सत्र में कंटेंट क्रिएटर्स और युवाओं के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका, मानसिकता परिवर्तन और सामाजिक बदलाव पर खुली चर्चा हुई। ब्रेकथ्रू वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, गोरखपुर, लखनऊ और महाराजगंज जिलों में 55,000 किशोरों व युवाओं के साथ कार्य कर रहा है। संस्था स्कूलों और समुदायों में निरंतर संवाद, मीडिया व डिजिटल अभियानों के माध्यम से लैंगिक समानता, नेतृत्व और निर्णय क्षमता को बढ़ावा दे रही है। इस अवसर पर ब्रेकथ्रू ने कहा, ह्लयुवाओं को कार्यक्रमों के केंद्र में रखे बिना समान समाज की कल्पना संभव नहीं है। जब लड़कियाँ और महिलाएँ अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करती हैं, तो परिवार मजबूत होते हैं और समाज प्रगति करता है। दे ताली पहल माता-पिता, पुरुष परिवार सदस्यों और समुदायों से आह्वान करती है कि वे युवा महिलाओं के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण वातावरण बनाएं। यह कार्यक्रम यह संदेश देता है कि युवा केवल परिवर्तन के वाहक नहीं, बल्कि उसके निमार्ता भी हैं।





