back to top

सृष्टि का निर्माण

सृष्टि के निर्माण में ईश्वर का क्या उद्देश्य है? इसका ठीक-ठीक कारण जान लेना मानव बुद्धि के लिए अभी तक शक्य नहीं हुआ। शास्त्रकारों ने अनेक अटकलें इस संबंध में लगायी हैं पर उनमें से एक भी ऐसी नहीं है जिससे पूरा संतोष हो सके। सृष्टि रचना में ईश्वर का उद्देश्य अभी तक अज्ञेय बना हुआ है। भारतीय आध्यात्म वेत्ता इसे ईश्वर की लीला कहते हैं। अत: ईश्वरवाद का सिद्धान्त सर्वथा स्वाभाविक और मनुष्य के हित के अनुकूल है।

आज तक मानव समाज ने जो कुछ उन्नति की है उसका सबसे बड़ा आधार ईश्वरीय विश्वास ही है। बिना परमात्मा का आश्रय लिए मनुष्य की स्थिति बड़ी निराधार हो जाती। जिससे वह अपना कोई भी लक्ष्य स्थिर नहीं कर सकता और बिना लक्ष्य के संसार में कोई महान कार्य संभव नहीं हो सकता। इसलिए परमात्मा के विराट स्वरूप के रहस्य को समझ कर ही हमारे संसार में अपनी जीवन यात्रा संचालित रकनी चाहिए।गायत्री मंत्र का दूसरा अक्षर तत् ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति अ‍ैर उसके प्रचार की शिक्षा देता है।

अंधकार में अनेक प्रकार के भय, त्रास एवं विघ्न छिपे रहते हैं। दुष्ट तत्वों की घात अंधकार में ही लगती है। अविद्या को अंधकार कहा गया है। अविद्या का अर्थ अक्षर ज्ञान की जानकारी का अभाव नहीं है। वरन जीवन की लक्ष्य भ्रष्टता है। इसी को नास्तिकता, अनीति, माया, भ्रांति, पशुता आदि नामों से पुकारते हैं। इस बौद्धिक अंधकार में, आध्यात्मिक निशा में विचरण करने वाला जीवन भ्रम-पतित होकर ईश्वर द्वारा निर्धारित धर्म, नीति, लक्ष्य, आचरण, और कर्तव्य से विमुख होकर ऐसी गतिविधि अपनाता है जो उसके लिए नाना प्रकार के दुख उत्पन्न करती हैं।

उपर्युक्त श्लोक में ज्ञानी ब्राह्मण को यह आदेश दिया गया है कि तपश्चर्या द्वारा संसार के समस्त दुखों के मूल कारण अज्ञानान्धकार को दूर करे। यहां ब्राह्मण शब्द किसी वर्ग विशेष के लिए प्रयुक्त नहीं हुआ है। आत्मा का सर्व प्रधान गुण ब्रह्म-निष्ठा और आध्यात्मिकता है। यह गुण जिसमें जितना न्यूनाधिक है, वह उतने ही न्यूनाधिक अंश में ब्राह्मण है। जिसकी आत्मा में जितना ब्राह्मणत्व है वह उतना ही तपस्वी, दूरदर्शी और तत्वज्ञानी होता है।

इसी ब्राह्मणत्व को गायत्री ने सबसे पहली चुनौती दी है, ललकारा है कि अपने व दूसरों के कल्याण के लिए ब्रह्म ज्ञान का प्रकार फैलाकर व्यापक अंधकार को हटाना तेरा परम पवित्र कर्तव्य है। दीपक जब स्वयं जलता है तो उसका प्रकाश चारों और फैलता है और उससे दूर तक अंधकार नष्ट होता है।

RELATED ARTICLES

हर तरफ रंगों व पिचकारियों की धूम, जमकर हो रही खरीदारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद, आलमबाग, भूतनाथ, आईटी चौराहा जिधर भी चले जाओ हर तरफ बाजार में होली की उमंग दिख रही है। कोई...

चंद्र ग्रहण आज, सूतक मान्य, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

लखनऊ। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (तीन मार्च) को साल के पहले चंद्रग्रहण पर सूतककाल में लखनऊ के सभी मंदिर बंद रहेंगे।...

भगवान नरसिंह की भव्य शोभा यात्रा व होली उत्सव कल

शोभा यात्रा एवं होली उत्सव का आयोजनलखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लखनऊ द्वारा होली के पावन अवसर पर भगवान नरसिंह रंग भरी भव्य शोभा यात्रा...

ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, प्रदेश के सभी विकास खंडों में बन रहे ग्रामीण स्टेडियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा खेल अवसंरचना का विस्तार,मल्टीपरपज़ हॉल और एथलेटिक्स ट्रैक से लैस होंगे सभी विकास...

ईरान के अगले सर्वोच्च नेता की चयन प्रक्रिया में अमेरिका को शामिल करें : ट्रंप

दुबई।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अगले सर्वोच्चा नेता के चयन की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए।ट्रंप...

ट्रंप ने आलोचनाओं के बाद गृह मंत्री क्रिस्टी नोएम को पद से हटाया

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचनाओं के बीच बृहस्पतिवार को गृह मंत्री क्रिस्टी नोएम को पद से हटा दिया। नोएम की मंत्रालय...

आज भारत की विदेश नीति समझौतावादी व्यक्ति के शोषण का परिणाम है: राहुल गांधी

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि आज...

अभिषेक शर्मा की लगातार फ्लॉप बल्लेबाजी पर उठे सवाल, प्रशंसकों और दिग्गजों ने की तीखी आलोचना

अहमदाबाद। अभिषेक शर्मा की खराब फार्म को लेकर जताई जा रही चिंता अब खुलकर आलोचना में बदल गई है, लेकिन इसके बावजूद पूरी...

प्रियंका चोपड़ा जोनास 98वें आस्कर समारोह में प्रस्तोता के तौर पर मंच पर आएंगी नजर

लॉस एंजिलिस (अमेरिका)। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनास 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में प्रस्तोता के रूप में मंच पर नजर आएंगी। आयोजकों ने शुक्रवार को यह...