- लखनऊ में मिले 224 कोरोना पॉजिटिव
लखनऊ। कोराना को लेकर जुलाई माह लोगों के लिए काल का गाल बनता जा रहा है, दिन पर दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से लोगों में बुरी तरह डर व्याप्त हो गया है। स्थिति यह है कि सूबे में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1986 नये मामले सामने आये जबकि 24 और मौतों के साथ मृतकों का आंकड़ा शनिवार को 1108 पहुंच गया। राजधानी लखनऊ में शनिवार को कोरोना से दो और लोगों की मौत हो गयी। वहीं संक्रमण की चपेट में पुलिस मुख्यालय के आइजी नवनीत सिकेरा भी आ गये।
जिसके बाद उन्हें आनंदी वाटर पार्क को कोविड सेंटर में भर्ती किया गया। इसके साथ ही राज्य मंत्री कमला रानी समेत 224 लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस समय उपचाराधीन मरीज 17,264 हैं। उन्होंने बताया कि 28,664 लोगों को ठीक होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान 24 और मौतें होने से कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1108 पहुंच गयी है जबकि 1986 नये मामले सामने आये।
गाजियाबाद में 104, वाराणसी में 102, प्रयागराज में 79 संक्रमित
लखनऊ में सबसे ज्यादा 224, गाजियाबाद में 104, वाराणसी में 102, प्रयागराज में 79, गोरखपुर में 39, अमरोहा में 50, बरेली में 66, झांसी में 65 सोनभद्र में 52 कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। प्रसाद ने बताया कि इस समय राज्य में विभिन्न चिकित्सालयों और मेडिकल कालेजों के पृथक वार्ड में 17,267 लोग भर्ती हैं। पृथकवास केन्द्रों में 4115 लोग हैं, जिनके सैम्पल लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राज्य में 46,769 सैम्पल की जांच की गयी। अब तक कुल 14,26,303 सैम्पल जांचे जा चुके हैं।
जांच में 12 लाख के आंकडे को किया पार
उन्होंने कहा, बहुत जल्द हमने जांच में 12 लाख के आंकडे को पार किया था और चार-पांच दिन के भीतर ही हमने आज 14 लाख का आंकड़ा पार कर लिया। बहुत बड़ी संख्या में रोज प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। आरटीपीसीआर, एंटीजन और ट्रूनेट के माध्यम से प्रदेश में निरंतर जांच करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोज्ञ सेतु ऐप का लगातार उपयोग किया जा रहा है तथा उसके जरिए जिन लोगों को एलर्ट आये, ऐसे 3,04,635 लोगों को स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से फोन कर उनका हालचाल लिया गया।
कुल 30,366 निषिद्ध क्षेत्रों में लोगों की निगरानी की गयी
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि निगरानी का कार्य लगातार चल रहा है तथा कुल 30,366 निषिद्ध क्षेत्रों में 1,25,47,145 घरों में 6,39,50,402 लोगों की निगरानी की गयी है। यह इसलिए होता है कि किसी में लक्षण तो नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में वातावरण में आर्द्रता बढ़ जाती है। पहले हम कहते थे कि छींकने और खांसने से बूंदें (ड्रापलेट) निकल रही हैं लेकिन ऐसे मौसम में अब बात करने से भी ड्रापलेट निकलते हैं इसलिए दो गज की दूरी बनाये रखिये, मॉस्क, गमछा, दुपटटा या रूमाल से नाक और चेहरा ढांकिये, साबुन पानी से लगातार हाथ धोते रहिये।
कोविड हेल्पडेस्क भी निरंतर बन रहे हैं
प्रसाद ने बताया कि कोविड हेल्पडेस्क भी निरंतर बन रहे हैं। लगभग 50 हजार कोविड डेस्क स्थापित हो चुके हैं। ये काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। नान कोविड केयर पर भी हमारा ध्यान है। संचारी रोग माह चल रहा है, उस पर भी हमारा ध्यान है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में टूनूट मशीनें लगायी गयी हैं ताकि किसी की सर्जरी होनी है और संदेह हो कि वह हॉटस्पाट एरिया से आया है या किसी कोविड पाजिटिव का करीबी रहा है तो उसकी जांच की जाती है ताकि ताकि इलाज किया जा सके।





