आधुनिक शिक्षा के साथ वैदिक ज्ञान का समन्वय है समय की मांग : आचार्य राम जी मिश्र
लखनऊ। जिस प्रकार से सनातन धर्म में अनेक विसंगतियां शामिल होती जा रही हैं, आज यह आवश्यक हो गया है कि हम अपने बच्चों को सनातन धर्म की न्यूनतम शिक्षा व ज्ञान अवश्य दें। मैकाले पद्धति की आधुनिक शिक्षा के साथ ही सनातन धर्म के पवित्र ग्रंथों और गुरुकुल परम्परा पर आधारित ज्ञान व्यवस्था का आपसी सामंजस्य बैठाया जाए। उक्त विचार सत्य सनातन महासभा द्वारा संचालित स्वामी जगन्नाथ माता प्रसाद वेद विद्या गुरुकुलम के प्रधानाचार्य आचार्य राम जी मिश्र ने व्यक्त किए। आचार्य राम जी मिश्र गुरुकुलम में आयोजित बटुक ब्राह्मणों के यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार समारोह के अवसर पर बोल रहे थे।
केशवनगर स्थित स्वामी जगन्नाथ माता प्रसाद वेद विद्या गुरुकुलम सनातनी हिंदू बच्चों को नि:शुल्क धर्म और वैदिक शिक्षा देने के लिए जाना जाता है। पूरी तरह से आवासीय इस गुरुकुलम में विद्यार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता तथा उनके रहने, भोजन और वस्त्रादि की व्यवस्था भी गुरुकुलम की ओर से की जाती है। गुरुकुलम की इसी सेवाभावना के लिए गत सप्ताह उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा गुरुकुलम को सम्मानित भी किया गया था।
यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश बृजेश पाठक की धर्मपत्नी नम्रता पाठक उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी बटुकों को यज्ञोपवीत धारण कर आशीर्वाद दिया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं उत्तम शिक्षा और संस्कारयुक्त जीवन की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के करकमलों से 20 नए बटुकों का आज परम्परागत उपनयन करके शिक्षा-दीक्षा का आरम्भ किया गया। गुरुकुल के प्रधानाचार्य आचार्य राम जी मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि यज्ञोपवीत संस्कार सनातन परंपरा के प्रमुख सोलह संस्कारों में से एक है, जो बालक के जीवन में ज्ञानार्जन, अनुशासन, आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना की औपचारिक शुरूआत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गुरुकुल में विद्यार्थियों को वेद अध्ययन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति की समग्र शिक्षा दी जाती है। इस पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं पूजन के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। अभिभावकों और उपस्थित जनसमूह ने संस्कार की गरिमा को आत्मसात करते हुए बटुकों को शुभाशीष प्रदान किया। कार्यक्रम में सत्य सनातन महासभा के संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष, लखनऊ बार एसोसिएशन, एडवोकेट सी.एल. दीक्षित, अध्यक्ष श्याम जी मिश्र, वेदाचार्य आचार्य अर्पित त्रिवेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सदस्यगण उपस्थित रहे। समारोह अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ।





