लखनऊ। गणतंत्र दिवस पर शहर के बाजारों में रविवार को जबरदस्त रौनक दिखी। हर प्रमुख बाजार और प्रतिष्ठान में तिरंगा की रोशनी में नहाए दिखे। लहराता तिरंगा और गूंजते जोशीले गीतों ने समां बांध दी। सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा…, कर चले हम फिदा जानों तन साथियों…, मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे… समेत आजादी के जोश पैदा करने वाले गीतों से होती गर्व की अनुभूति चहुंओर नजर आई। चौराहों पर बिकते झंडे, झंडियां, टोपियां स्वतंत्रता का सुखद अहसास कराती नजर आईं। गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए नवाबों का शहर पूरी तरह तैयार नजर आया।
शहर की गली हो या मुहल्ला। प्रमुख बाजार हों या फिर स्कूल और सरकारी प्रतिष्ठान, सभी तिरंगे की रोशनी से नहाए दिखे। लोकतंत्र के इस पर्व का जश्न मनाने के लिए शनिवार को सुबह से ही शहर की ऐतिहासिक, सरकारी इमारतों पर तिरंगे झंडे और रंगीन तिरंगी झालरें भवनों को रोशन कर रही थीं। विधानभवन, सचिवालय, बापू भवन, योजना भवन, डीआरएम कार्यालय, रोडवेज, परिवहन मुख्यालय, शहीद स्मारक के अलावा अमीनाबाद, यहियागंज, चौक, हजरतगंज, आलमबाग, चारबाग, नादानमहल रोड, भूतनाथ बाजार, इंदिरानगर, गोमतीनगर, अलीगंज समेत सभी बाजारों में शनिवार को रौनक दिखी। धार्मिक इमारत से लेकर निजी इमारतें तिरंगी रोशनी से नहा उठीं। शहर का बाजार भी पूरी तरह आजादी के रंग में रंगा नजर आ रहा है। दुकानों में हर साइज के तिरंगे बिकते दिखे। शॉपिंग मॉल में भी लोग खरीदारी करते नजर आए। बाजारों में खरीदारों के लिए विशेष आॅफर पैकेज दिए गए।
चौराहों पर गाड़ियां रुकते ही झंडे बेचने को दौड़ते लोग :
चौराहों पर जैसे ही लाल बत्ती होने पर गाड़ियां रुकती थीं, अलग-अलग साइज और गाड़ियों के लिए विशेष तरह के झंडे बिकते नजर आए। हाथों में झंडे लिए बच्चे और महिलाएं यातायात से जूझते हुए उनकी बिक्री को आतुर दिखीं। अधिकतर लोगों ने भी उन्हें निराश नहीं किया। झंडे गाड़ियों में फिट कर आगे बढ़ते दिखे।
तिरंगी लाइट में नहाया लखनऊ एयरपोर्ट :
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को तिरंगे के रंगों से सजाया गया है। हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 और टर्मिनल-2 को केसरी, सफेद और हरे रंग की रोशनी से सजाया गया है। हवाई अड्डे के आस-पास के क्षेत्रों में भी तिरंगे के रंग की रोशनी की गई है। सीसीएसआई हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने बताया कि गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य हवाई अड्डे के टर्मिनल- 2 के अंदर विशेष सेल्फी पॉइन्ट भी बनाए गए हैं। सजावट का मुख्य आकर्षण टर्मिनल-2 के आगमन हॉल के अंदर 18 फुट की झांकी बनाई गई हैं। झांकी भारत के पिछले 75 वर्षों में विश्व स्तरीय तकनीकी विकास की यात्रा को प्रदर्शित करता है। सीसीएसआई हवाई अड्डे ने स्वतंत्रता उत्सव के तहत यात्रियों के लिए कई गतिविधियों का भी आयोजन किया है।
बाजारों में दिखी रौनक, खूब बिके झंडे और कैप
लखनऊ। बाजार आजादी के रंग में रंग गया है। राजधानी लखनऊ में कई दुकानें तिरंगा, टोपी, बिल्ला, हैंडरिबन, टीशर्ट और गुब्बारे से सज गई है।
सरकारी, गैर सरकारी, संस्थान, विद्यालय, संगठन विविध कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हैं। हर घर झंडा अभियान के तहत विभागों को तिरंगा झंड़ा खरीदने और वितरित करने का लक्ष्य सौंप दिया गया है। बाजारों में भी गणतंत्र दिवस से जुड़े सामानों की दुकानें सज गई हैं। आयोजन के लिए दुकानों पर खरीदार भी पहुंचने लगे हैं। शहर की दुकानों पर कई आकर के सूती और पॉलिस्टर के झंडे 50 से 250 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं बिल्ला, टोपी, हैंड रिबन आदि की मांग शुरू हो गई है। स्वतंत्रता दिवस से जुड़े सामानों की दुकान सजाए रिंकू गुप्ता के मुताबिक बिक्री तेज हो गयी है। इस साल भी ऐसा लग रहा है कि लोगों में देशभक्ति का प्यार उसी जोश के साथ देखने को मिलेगा। राजधानी लखनऊ का एक बाजार राष्ट्रीय तिरंगे और तमाम चीजों से सज गया है। इस बाजार में तिरंगे, स्टैंड, टी-शर्ट, पगड़ी जैसे सामान मिल रहे हैं। इस बाजार के एक दुकानदार ने बताया कि व्यापार कुछ दिनों से डाउन था, लेकिन अब ग्राहकों की भीड़ तिरंगे और अन्य सामग्री खरीदने के लिए बढ़ रही है। उनका कहना है कि इस बाजार में होलसेल के रेट में तिरंगे, स्टैंड, टी-शर्ट, पगड़ी, बैच जैसे तमाम सामान मिलते है। यहां पर जो सामान 10 रुपए के होलसेल के दाम में मिलता है। वही, चीज बाजार में 20 से 25 रुपए से कम का नहीं बिकता। इस बाजार में वो लोग ज्यादा खरीदारी करने आते है जो व्यापार करते है।
गणतंत्र दिवस पर खुला रहेगा लखनऊ चिड़ियाघर
लखनऊ। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार 26 जनवरी को दर्शकों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। आमतौर पर सोमवार को चिड़ियाघर की साप्ताहिक बंदी होती है, लेकिन राष्ट्रीय पर्व के उत्साह और पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रबंधन ने इसे खोलने का विशेष निर्णय लिया है। प्राणि उद्यान की निदेशिका डॉ. अदिति शर्मा ने बताया कि इस फैसले से उन परिवारों और बच्चों को बड़ी राहत मिली है, जो गणतंत्र दिवस की छुट्टी वन्यजीवों के बीच बिताना चाहते हैं। दर्शकों की सुविधा के लिए सभी इंतजाम पुख्ता कर लिए गए हैं।





