चैती महोत्सव का दसवां दिन
- कृष्ण लीला के मंच पर हुआ द्रौपदी का चीरहरण
लखनऊ । ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रहे चैती महोत्सव के तुलसी रंग मंच पर शनिवार को कृष्ण लीला का मंचन युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ से आरंभ हुआ जहाँ भगवान श्री कृष्ण की मुलाकात शिशुपाल से होती है ।
श्रीकृष्ण को देखते ही शिशुपाल उन पर अपशब्दों की बौछार कर देता है । परंतु श्रीकृष्ण मौन रहे क्यों उन्होंने अपनी मौसी ( शिशुपाल की माँ )को उनके बेटे की सौ गलतियों को क्षमा करने का वचन दिया था । परंतु यहाँ पर शिशुपाल सौ की सीमा पार कर जाता है और तभी श्रीकृष्ण अपने सुदर्शन चक्र से उसका वध कर देते हैं। दूसरी ओर द्रौपदी अपने महल में आए दुर्योधन को कटु वचन कह कर उसका अपमान कर देती हैं, जिससे दुर्योधन तिलमिला जाता है और अपने अपमान का बदला लेने के लिए मामा सकुनी के साथ साजिशें रचने लग जाता है। साजिश के तहत दुर्योधन युधिष्ठिर को धूतक्रीडा के लिए आमंत्रित करता है जिसे वे स्वीकार लेते हैं । पांडव धूतक्रीड़ा खेलने हस्तिनापुर दरबार पहुंचते हैं जहाँ शकुनी की बेइमानी के चलते धूतकीड़ा में अपना धन और राज्य हार जाते हैं जिसके बाद वे जुएं में अपने भाइयों और द्रौपदी को भी दांव पर लगा कर हार जाते हैं। जिसके बाद बदले की आग में जल रहा दुर्योधन दुशासन को द्रौपदी को राजसभा में लाने का आदेश देता है । दुशासन बाल पकड़ कर द्रौपदी को खींचता हुआ सभा में लाता है जिसके बाद दुर्योधन द्रौपदी को निर्वस्त्र करने का आदेश देता है, भरी सभा में दुशासन द्वारा द्रौपदी का चीरहरण आरंभ होता है जहाँ असहाय द्रौपदी अपने सखा कृष्ण को याद करती हैं, द्रौपदी की करुण पुकार से लीलाधर श्रीकृष्ण हस्तिनापुर की राज्यसभा में पहुंच कर अपनी लीला से द्रौपदी की साड़ी को बढाते चले जाते हैं जिसे खींचते खींचते दुशासन थक कर गिर जाता है और द्रौपदी की लाज बच जाती है । इसी लीला के साथ दसवें दिन की कृष्णलीला के मंच का समापन हो जाता । शनिवार को चैती महोत्सव के मंच का आरंभ ध्वनि फाउंडेशन की निदेशक ऋचा तिवारी ने अपने शिष्य शिष्याओं के साथ किया जिसमे उन्होने कृष्ण भजन, डांडिया, शिव स्तुति, होली रास व बृज की होली को अपने नृत्य कौशल से मंच पर प्रदर्शित किया । इसके उपरांत दूसरी प्रस्तुति डांस स्फेयर की शिक्षिका स्वाति श्रीवास्तव के निर्देशन में दी गई जिसे उन्होंने अपने 40 शिष्य . कलाकारों के साथ तुलसी रंगमंच पर गणेश जी की स्तुति के साथ आरंभ किया । डांस स्फेयर की दूसरी प्रस्तुति मीराबाई के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका हरि प्रिय मीराबाई का मंच पर सुंदर प्रस्तुतिकरण किया गया ।
ऐशबाग रामलीला समिति के अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल ने बताया कि रविवार को श्रीकृष्णलीला में कीचक वध , दुर्योधन के अनुरोध पर श्रीकृष्ण द्वारा अपनी चतुरंगिणी सेना उसे देना , श्रीकृष्ण का शांतिदूत बनकर हस्तिनापुर जाना , दुर्योधन द्वारा कृष्ण को बंदी बनाने का प्रयास करना व श्रीकृष्ण द्वारा विराट स्वरूप के दर्शन देना ह्व जैसी प्रमुख लीलाओं को मंचित किया जाएगा ।





