लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत द्वितीय अनुपूरक बजट का आकार 4,210.85 करोड़ रुपये है, जिसमें राजस्व लेखे का व्यय 2,234.15 करोड़ रुपये तथा पूंजी लेखे का व्यय 1,976.70 करोड़ रुपये है।
ज्ञातव्य है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में मूल बजट का आकार 4,79,701.10 करोड़ रुपये है, जिसमें राजस्व लेखे का व्यय 3,63,957.04 करोड़ रुपये तथा पूंजी लेखे का व्यय 1,15,744.06 करोड़ रुपये है। जुलाई, 2019 में प्रस्तुत प्रथम अनुपूरक बजट का आकार 13,594.87 करोड़ रुपये पारित कराया गया, जिसमें राजस्व लेखे का व्यय 8,381.20 करोड़ रुपये तथा पूंजी लेखे का व्यय 5,213.67 करोड़ रुपये है।
द्वितीय अनुपूरक बजट के मुख्य प्रस्तावों के अन्तर्गत सबसे ज्यादा औद्योगिक विकास के लिए 1,771.19 करोड़ रुपये की मांग की गयी है। इसमें पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हेतु लिये गये ऋण की समय पूर्व अदायगी के लिए 960.94 करोड़ रुपये और अगले साल फरवरी में होने वाले डिफेंस एक्सपो इण्डिया-2020 के आयोजन हेतु 86.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।
औद्योगिक विकास के बाद दूसरा सबसे ज्यादा अनुपूरक पाने वाले ऊर्जा विभाग के लिए कुल 1106.99 करोड़ रुपये की मांग की गयी है। इसमें उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को राजस्व क्षतिपूर्ति अनुदान हेतु 1,000 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जिसका प्रस्ताव मंगलवार को ही मंत्रिमंडल से पास हुआ है, के अन्तर्गत रेलवे उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण के नये कार्यों के लिए 250 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है।
चिकित्सा शिक्षा हेतु 280 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है, जिसमें जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत किये जाने की योजना के अन्तर्गत 13 जनपदों के लिये 20 करोड़ रुपये प्रति जनपद की दर से कुल 260 करोड़ रुपये, जेके इन्स्टीट्यूट आॅफ रेडियोलॉजी एण्ड कैंसर रिसर्च, कानपुर के लिए 20 करोड़ रुपये की मांग की गयी है।
वन विभाग के लिए कुल 200.47 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। इसमें सामाजिक वानिकी हेतु 125 करोड़ रुपये, गोरखपुर में शहीद अशफाकउल्ला खाँ प्राणी उद्यान के लिये 30 करोड़ रुपये तथा नेशनल बैम्बू मिशन योजना हेतु 4.37 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। कृषि तथा सम्बद्ध विभाग के अन्तर्गत एनसीआर जनपदों हेतु पराली प्रबन्धन योजना के लिये 25 करोड़ रुपये तथा फलदार पौधों के रोपण के लिये 5 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। खास पार यह है की पराली प्रबंधन के लिए पहली बार प्राविधान किया गया है। अभा पिछले महीने ही देश में बढ़ते हुये वायुमंडल प्रदूषण पर देश के सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था तथा सभी राज्य और केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया था की किसानों पर कानूनी करवाई न करने की जगह उन्हें पराली नहीं जलाने के लिए प्रोत्साहन दिए जाने को कहा था।
पंचायती राज के अन्तर्गत राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान हेतु 221.68 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। खाद्य तथा रसद के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 व अन्य योजनाओं के अन्तर्गत जनपद चन्दौली में फोर्टिफाइड राइस के वितरण हेतु 3.03 करोड़ रुपये प्रस्तावित किये गये हैं। प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक-बालिकाओं की शिक्षा हेतु अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना हेतु 130 करोड़ रुपये की मांग की गयी है।
द्वितीय अनुपूरक बजट में 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव के आयोजन हेतु 18.85 करोड़ रुपये, कॉमनवेल्थ, पार्लियामेंटरी एसोसिएशन इण्डिया रीजन कॉन्फ्रेंस हेतु 5 करोड़ रुपये, सूचना तथा प्रचार हेतु 50 करोड़ रुपये, आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु 32.21 करोड़ रुपये तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य जनपदों में प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के अन्तर्गत शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हेतु 20.85 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है।





