back to top

ब्रिटिश सैनिक वापस वतन पहुंचे

अफगानिस्तान में ब्रिटेन का 20 साल लंबा सैन्य अभियान खत्म

लंदन। ब्रिटेन के शेष सैनिक काबुल से वापस अपने देश पहुंचने लगे हैं और इसके साथ ही ब्रिटेन का अफगानिस्तान में 20 साल लंबा सैन्य अभियान खत्म हो गया जहां तालिबान ने कब्जा कर लिया है। तालिबान ने कई प्रमुख शहरों पर कब्जा करने के बाद 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा कर लिया था। यह अमेरिका के देश से जाने की समयसीमा से दो हफ्ते पहले हुआ था। शनिवार रात को रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) का एक विमान काबुल से रवाना हुआ और आक्सफोर्डशायर में आरएएफ ब्रीज नॉर्टन पहुंचा। विमान में अफगानिस्तान में ब्रिटेन के राजदूत सर लॉरी ब्रिस्टो भी सवार थे जो लोगों को निकालने की प्रक्रिया में मदद कर रहे थे।
लोगों को निकालने वाले अभियान आपरेशन पिटिंग को चलाने वाले वाइस एडमिरल सर बेन की ने कहा, एक दुख की भावना थी कि हमने वह सब नहीं किया जो हम चाहते थे।

 

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार सुबह ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर कहा कि आपरेशन पिटिंग का खत्म होना एक ऐसे मिशन का समापन है जो हमने जो कुछ भी अपने जीवन में देखा है, उसके विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटिश सैनिकों और अधिकारियों ने दुखद परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम किया।
जॉनसन ने कहा कि उन्होंने यह सोचकर धैर्य दिखाया है कि उन्हें अपनी जिंदगियों पर खतरा देख रहे लोगों की मदद करनी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की कतारों और अपने अमेरिकी दोस्तों पर आतंकी हमले को देखा है।

 

सशस्त्र बल समुदाय को लिखे पत्र में जॉनसन ने माना कि काबुल को तालिबान के कब्जे में जाते देखना उन लोगों के लिए मुश्किल रहा होगा, खासकर जंग के दौरान जान कुर्बान करने वाले 457 सैनिकों के दोस्तों और प्रियजनों के लिए मुश्किल समय रहा होगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के अफगानिस्तान जाने से अल कायदा दो दशक तक उनके देश से दूरा रहा और नतीजतन हम सब सुरक्षित हैं। जॉनसन ने कहा, अमेरिका, यूरोप और दुनिया भर में हमारे सहयोगियों के साथ हम तालिबान के साथ इस आधार पर बात नहीं करेंगे कि वे क्या कहते हैं, बल्कि इस आधार पर वार्ता करेंगे कि वे क्या करते हैं। प्रधानमंत्री ने पहले के बयान के दोहराते हुए कहा कि अगर तालिबान राजयनिक मान्यता चाहता है या उन अरबों रुपयों को चाहता है जिन्हें फिलहाल जब्त कर लिया गया है, तो उन्हें उन लोगों को सुरक्षित मार्ग देना होगा जो देश छोड़ना चाहते हैं, महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों का सम्मान करना होगा और अफगानिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बनने से रोकना होगा।

 

विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने द संडे टेलीग्राफ में लिखे एक लेख में कहा कि ब्रिटेन तालिबान के खिलाफ लगी पाबंदियों पर विचार करने को तैयार है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे मुख्य मुद्दों पर क्या निर्णय लेते हैं जिनमें देश छोड़ने की चाह रखने वाले लोगों को सुरक्षा मार्ग प्रदान करना शामिल है। ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा और राजनीति की स्थिति के ठीक होने पर वह काबुल में राजनयिक उपस्थिति को फिर से स्थापित करने का इरादा रखती है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा है कि अफगानिस्तान से निकाले गए लोगों में करीब 2200 बच्चे शामिल हैं। ब्रिटेन के करीब पांच हजार नागरिकों और उनके परिवारों को हवाई मार्ग से अफगानिस्तान से निकाला गया है। इसी के साथ ब्रिटेन के पूर्व कर्मचारियों, उनके परिवारों और ऐसे लोगों को भी निकाला गया है जिनको तालिबान से खतरा था। इनकी संख्या आठ हजार से ज्यादा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने कहा है कि अफगानिस्तान के 800 से 1100 के बीच ऐसे नागिरक हैं जिन्हें वहां से निकाला नहीं जा सका है।

RELATED ARTICLES

श्रीलंका की यात्रा करने वाले विदेशी पर्यटकों में सबसे आगे रहे भारतीय

कोलंबो।साल 2025 में कुल 23 लाख पर्यटकों ने श्रीलंका की यात्रा की, जिनमें सबसे अधिक संख्या भारतीयों की रही। पर्यटन प्राधिकरण के आंकड़ों में...

माघ मेले में मौनी अमावस्या पर 3.15 करोड़ लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई

प्रयागराज। प्रयागराज में जारी माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या पर दोपहर 12 बजे तक 3.15 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में...

कांग्रेस ने अपने शासन में वोट के लिए असम की जमीन घुसपैठियों को सौंप दी: PM मोदी

कलियाबोर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने पूर्वाेत्तर राज्य असम में अपने शासनकाल के दौरान वोट के लिए...

ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन…सुन श्रोता हुए भावविभोर

बेगम अख्तर चेयर के अंतर्गत प्रथम कार्यक्रम का भव्य आयोजनपद्मश्री अनूप जलोटा की सुमधुर प्रस्तुति से सजा भातखण्डे का मंचलखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ...

देश के बंटवारे के दूसरे पहलू को दिखाती है ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’

वैचारिक टकरावों का बारीकी से चित्रण करने का वादा करती हैलखनऊ। भारत की आजादी और देश के बंटवारे पर अब तक कई फिल्में और...

26 जनवरी को देशभक्ति के तरानों से गूंजेगा हजरतगंज

जश्न-ए-आजादी मनाएगा गणतंत्र दिवस का भव्य महाउत्सवआसमान में उड़ेंगे तिरंगे गुब्बारे और शांति के प्रतीक कबूतरलखनऊ। देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति...

सदर मे भागवत कथा आज से, धूमधाम से निकली कलश यात्रा

कलश यात्रा में 101 महिलाएं सिर पर मंगल कलश लिए प्रभु नाम का जयकारा लगायालखनऊ। श्री शिव श्याम मंदिर समिति की ओर से सात...

रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुन श्रोता मंत्रमुग्ध

मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में आयोजितलखनऊ। मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस कथा...

लखनऊ में टीवी शो ‘तोड़ कर दिल मेरा’ सीजन 1 हुआ लांच

सीजन 1 की कहानी की बुनियाद एक अरेंज मैरिज पर आधारित हैलखनऊ। स्टार प्लस ने आज लखनऊ में अपने नए फिक्शन शो टोड़ कर...