back to top

समाज में फैले भ्रष्टाचार को दिखाता है ‘भ्रष्टाचारम’

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान एवं संस्था विजय बेला एक कदम खुशियों की ओर से आयोजन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान एवं संस्था विजय बेला एक कदम खुशियों की ओर के संयुक्त तत्वावधान में एकमासात्मक प्रस्तुतिपरक नाट्य कार्यशाला के उपरांत डॉ. आनन्द कुमार दीक्षित द्वारा रचित संस्कृत नाटक भ्रष्टाचारम का मंचन चन्द्रभाष सिंह के निर्देशन में ओजस प्रेक्षागृह, डोमिनेंस इंटरनेशनल स्कूल, चिनहट, लखनऊ में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. पवन कुमार, आचार्य एवं संयोजक (संस्कृत साहित्य विद्या शाखा) केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्द्यालय, लखनऊ एवं विशिष्ठ अतिथि शिक्षाविद राजेश कुमार एवं शिक्षाविद श्रीमती ऊषा यादव ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। नाटक को कलाकारों ने अपने अभिनय से जीवंत बना दिया।
नाटक में दिखाया गया है कि किसी नेता का भ्रष्ट आचरण किस प्रकार किसी योग्य परंतु बेरोजगार व्यक्ति के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
जैसे कौटिल्य(चाणक्य) ने कहा भी है यथा राजा तथा प्रजा। इस कथन के अनुसार उस नेता के समीपवर्ती लोग भी नेता की ही तरह ही भ्रष्टाचारी बन जाते हैं। भ्रष्टाचार के कारण ही जो पद किसी योग्यता पूर्ण व्यक्ति को मिलना चाहिए वह उसे ना मिलकर नेता के सगे संबंधी अथवा उसके चाटुकार जो की अयोग्य हैं उन्हें मिल जाता है। आधुनिक समय में युवाओं के बेरोजगार होने का सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार ही है, जिसके कारण युवा गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं, अत: यदि देश को आगे बढ़ाना है तो भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना होगा। नाटक में दिखाया गया है कि किस प्रकार एक भ्रष्टाचारी नेता सेवा के नाम पर गलत काम करता है, रुपये लेकर लोगों को नौकरी दिलवाता है । जब एक योग्य नवजवान उसके पास थकहार कर मदद मांगने जाता है तो वह उसे आश्वासन देकर वापस भेज देता है परन्तु दूसरा व्यक्ति जो उसे सुविधा शुल्क के रूप में रिश्वत देता है उसकी नौकरी लगवा देता है, ये सब देखकर नवयुवक हतास होकर आत्महत्या करने की सोचता है तभी उसका मित्र उसे समझाता है कि सरकारी नौकरी ही सब कुछ नहीं है हमें स्वयं नए रास्ते तलासने होंगे और भ्रष्ट लोगों को पनपने से रोकना होगा।
। मंच पर जूही कुमारी, निहारिका कश्यप,कृष्ण कुमार पांडेय,आर्यन,अंतिमा अवस्थी,, कोमल प्रजापति, अनमोल, विनय पाल, रामजी यादव, चांदनी रावत, आयुष पाल, नैना गौतम , वैष्णवी, सैम, पल्लवी आदि ने अभिनय किया, वहीं नाटक की प्रकाश परिकल्पना आकाश सिंह, पार्श्व संगीत चन्द्रेश पांडेय, मंच संचालन डॉ.आनद दीक्षित व सह निर्देशन जूही कुमारी का था। एक महीने की इस कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियों को विक्रमादित्य जी के द्वारा संस्कृत का प्रशिक्षण दिया गया।

RELATED ARTICLES

शबद कीर्तन सुन संगत हुई निहाल

जन्मदिन को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित कियालखनऊ। गुरु तेग बहादुर भवन चंदर नगर,आलम बाग, लखनऊ में आजाद लेखक कवि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ की...

सूर के पदों में गूंजी भक्ति की अनुपम छटा

सूरदास जयंती पर सजी भावपूर्ण लोक चौपाल लखनऊ। भक्त कवि सूरदास जयंती पर उन्हें उनके भक्ति पदों की सांस्कृतिक प्रस्तुति संग याद किया गया। मंगलवार...

प्रकृति और भावनाओं का रंग-संवाद: टेम्परा कार्यशाला का सृजनात्मक आरंभ

टेम्परा तकनीक का प्रभावी प्रदर्शन कियालखनऊ। लखनऊ पब्लिक कॉलेज सहारा स्टेट ब्रांच के सजीव परिसर में फ्लोरोसेंस आर्ट गैलरी के सहयोग से सौंदर्य एवं...

लखनऊ जू : गर्मी से बचने के लिए वन्य जीवों की बदली खुराक, लगे कूलर

लखनऊ। गर्मी को दृश्टिगत रखते हुए नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ द्वारा अलग-अलग वन्य जीवों के लिए उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपाय...

खुशी कक्कड़ का ‘जानू एही लगन में’ रिलीज होते ही छाया

रिलीज के तुरंत बाद यह गाना दर्शकों की पसंदीदा प्लेलिस्ट में जगह बनाता दिख रहा लखनऊ। भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुकीं...

कॉमेडी के साथ रोमांच भी पैदा करती है राजकुमार राव की ‘टोस्टर’

निर्देशक विवेक दास चौधरी की 'टोस्टर' भी एक ऐसे ही महाकंजूस की कहानी हैलखनऊ। अपने आस-पास हम रोजमर्रा की जिंदगी में कई कंजूस लोगों...

बगलामुखी जयंती 24 को, विधि-विधान से होगी देवी की पूजा-अर्चना

इसी तिथि पर उनका प्राकट्य हुआ थालखनऊ। बगलामुखी जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाती है। बगलामुखी देवी को...

शबद कीर्तन सुन संगत हुई निहाल

जन्मदिन को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित कियालखनऊ। गुरु तेग बहादुर भवन चंदर नगर,आलम बाग, लखनऊ में आजाद लेखक कवि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ की...

सूर के पदों में गूंजी भक्ति की अनुपम छटा

सूरदास जयंती पर सजी भावपूर्ण लोक चौपाल लखनऊ। भक्त कवि सूरदास जयंती पर उन्हें उनके भक्ति पदों की सांस्कृतिक प्रस्तुति संग याद किया गया। मंगलवार...