back to top

भगवती बाबू की यूएसपी उनकी कहानियों का रोचक अंत

साहित्यकार भगवती चरण वर्मा की 121वीं जयंती पर साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन

लखनऊ। हिंदी साहित्य के कालजयी एवं मूर्धन्य साहित्यकार भगवती चरण वर्मा की 121वीं जयंती पर साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। लखनऊ साहित्यिक मंच की ओर से कला स्त्रोत आर्ट गैलरी में हुई संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि और लेखक डॉ उदय प्रताप सिंह ने की।
गोष्ठी में स्वर्गीय भगवती चरण वर्मा के पौत्र कवि एवं साहित्यकार चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि भगवती बाबू अपनी कहानियों की विषय वस्तु एवं चरित्र सच्ची घटनाओं से ही उठाते थे और उनको थोड़ा काट छांट कर प्रस्तुत करते थे। भगवती बाबू की कहानियों में जो सबसे महत्वपूर्ण बात होती थी कहानी का रोचक अंत। कहानियों के पाठक को कहानी के अंत तक यह आभास नहीं हो पता था कि जैसा अंत रचा गया है वैसा भी हो सकता है। यही उनकी कहानियों की यूएसपी हुआ करती है। चंद्रशेखर वर्मा ने बताया की की भगवती बाबू की कहानी प्रायश्चित और वसीयत भारत के हिंदी भाषी क्षेत्रों में स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा भी रहीं हैं। मशहूर शायर मनीष शुक्ला ने बताया कि बाबू जी को किसी एक विधा से बांधना बड़ा मुश्किल है वो बहुआयामी साहित्यकार थे। हर विधा में उन्होंने उत्कृष्ट रचनाएं लिखी। जहां उनकी कहानी दो बाकें और प्रायश्चित दुनिया की सबसे लोकप्रिय कहानियों में से हैं तो वहीं चित्रलेखा एक ऐसा उपन्यास है जो दुनिया के किसी भी कोने में बरसों याद किया जाएगा। मशहूर हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने कहा कि भगवती चरण वर्मा की रचनाओं में हास्य का बड़ा अनोखा पुट होता था। उनका हास्य आम तौर पर एक वाक्य में निकलता था लेकिन वह वाक्य पूरी रचना के घटनाक्रम को प्रमाणित कर देता था। पूर्व आईएएसश जे एस मिश्रा ने कहा कि भगवती बाबू को उन्होंने बचपन से ही पढ़ना शुरू किया था और वे उनसे बहुत प्रभावित रहे। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भगवती बाबू की रचनाओं में उन्होंने उन्होंने प्रगतिवाद भी देखा और इस संदर्भ में चित्रलेखा का जिक्र तो आमतौर पर बहुत किया जाता है लेकिन उनके भूले बिसरे चित्र और लेखन जैसे उपन्यासों आदि से ग्रामीण अंचल के बहुत से लोग अपने आप को जोड़कर देखा करते हैं ।कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी गोपाल सिन्हा ने किया। गोष्ठी में रवि भट्ट, एपी माहेश्वरी, विनीता मिश्रा, रागिनी वर्मा समेत साहित्य जगत की कई विभूतियां मौजूद रहीं।

RELATED ARTICLES

जैन मंदिर: मंत्रोच्चारण के साथ हुई गोद भराई

काकोरी पंचकल्याणक महोत्सव के लिए भगवान आदिनाथ के माता-पिता और सौधर्म इन्द्र-इन्द्राणी का हुआ अभिनंदनलखनऊ। आशियाना के दिगंबर जैन मंदिर में उपाध्याय रत्न श्री...

आज शनि के नक्षत्र में आएंगे देवगुरु बृहस्पति

4 राशियों की चमकेगी किस्मतलखनऊ। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है....

कलाकार को आलोचना की चिंता कभी नहीं करनी चाहिए : देविका

एसएनए में कपिला राज की स्मृति में व्याख्यान का आयोजनलखनऊ। योगी आदित्यनाथ की कला संवर्धन-संरक्षण की नीति के अनुपालन में एवं मंत्री संस्कृति एवं...

शो में दिखेगा पावर, पॉलिटिक्स और अधूरी मोहब्बत का खेल : धवल ठाकुर

वेब सीरीज ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 को प्रमोट करने शहर पहुंचे शो के कलाकारलखनऊ। वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' के सीजन...

जैन मंदिर: मंत्रोच्चारण के साथ हुई गोद भराई

काकोरी पंचकल्याणक महोत्सव के लिए भगवान आदिनाथ के माता-पिता और सौधर्म इन्द्र-इन्द्राणी का हुआ अभिनंदनलखनऊ। आशियाना के दिगंबर जैन मंदिर में उपाध्याय रत्न श्री...

आज शनि के नक्षत्र में आएंगे देवगुरु बृहस्पति

4 राशियों की चमकेगी किस्मतलखनऊ। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है....

ज्येष्ठ प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी व्रत आज, बप्पा की होगी पूजा

सुख, समृद्धि, सन्तति तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती हैलखनऊ। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का...

कलाकार को आलोचना की चिंता कभी नहीं करनी चाहिए : देविका

एसएनए में कपिला राज की स्मृति में व्याख्यान का आयोजनलखनऊ। योगी आदित्यनाथ की कला संवर्धन-संरक्षण की नीति के अनुपालन में एवं मंत्री संस्कृति एवं...

कलर्स आफ अयोध्या में कई कलाकृतियों ने लिया आकार

अखिल भारतीय कला शिविर का तीसरा दिनलखनऊ। कला दीर्घा अंतरराष्ट्रीय दृश्य कला पत्रिका एवं जेबीएनएसएस, अयोध्या द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित अखिल भारतीय कला...