नई दिल्ली। बीसीसीआई ने अपनी सख्त नीतियों पर कायम रहते हुए आगामी टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को उनकी पत्नियों, मंगेतर या परिवार के किसी भी सदस्य के साथ रहने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। भारतीय टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों के परिवारों को इस बड़े टूर्नामेंट में साथ रखने के लिए बोर्ड से औपचारिक अनुमति मांगी थी, जिसे बीसीसीआई ने सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड के मौजूदा नियमों के मुताबिक, 45 दिनों से अधिक लंबे दौरों पर ही खिलाड़ियों को उनके परिवारों के साथ अधिकतम 14 दिनों तक रहने की अनुमति दी जाती है, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में फोकस बनाए रखने के लिए इस बार कोई ढील नहीं दी जाएगी।
बोर्ड के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यदि खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य वर्ल्ड कप के दौरान वहां मौजूद रहना चाहते हैं, तो वे अलग से अपने रहने और यात्रा की व्यवस्था कर सकते हैं, लेकिन वे टीम होटल में खिलाड़ियों के साथ नहीं रुक पाएंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारत को अपने तीन मुकाबले घरेलू मैदानों पर और एक महत्वपूर्ण मैच कोलंबो में खेलना है। बीसीसीआई ने हाल ही में खेली गई द्विपक्षीय सीरीज के दौरान भी इसी नीति का पालन किया था और अब वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर भी इसे बरकरार रखने का फैसला किया है ताकि टीम का अनुशासन और एकाग्रता बनी रहे।
बीसीसीआई का यह फैसला साल 2025 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद जारी किए गए कड़े दिशा-निर्देशों का हिस्सा है। दरअसल, कोरोना काल के बाद खिलाड़ियों को पूरे दौरे पर परिवार साथ रखने की छूट मिली थी, लेकिन बोर्ड को ऐसी शिकायतें मिलीं कि कुछ खिलाड़ी इस रियायत का दुरुपयोग कर रहे थे। टीम प्रबंधन से जुड़ी रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि परिवार के साथ होने के कारण कुछ खिलाड़ी अनौपचारिक टीम मीटिंग्स में हिस्सा नहीं ले पाते थे। इसी अनुशासनहीनता को रोकने और पेशेवर माहौल सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड ने अपनी पुरानी सख्त नीति की ओर लौटने का निर्णय लिया है।





