ढाका। बांग्लादेश में हुए आम चुनावों के बाद आए शुरुआती रुझानों और मीडिया रिपोर्ट्स ने देश की राजनीतिक दिशा बदल दी है। शुक्रवार को मतगणना के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अपनी निर्णायक जीत का दावा किया है, जिससे यह साफ हो गया है कि पार्टी करीब 20 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा सत्ता की कमान संभालने जा रही है। विभिन्न मीडिया संस्थानों के अनुसार, बीएनपी ने 300 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए आवश्यक 151 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग (ईसी) की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा होना शेष है, लेकिन बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार बनाने की तैयारी की पुष्टि कर दी है। यह चुनाव उस अंतरिम प्रशासन की जगह लेगा, जिसने अगस्त 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद देश का कार्यभार संभाला था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीएनपी की इस संभावित जीत का स्वागत शुरू हो गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीएनपी नेता तारिक रहमान को उनकी ‘निर्णायक जीत’ पर हार्दिक बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि तारिक रहमान का नेतृत्व बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दर्शाता है और भारत दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक है। इसी क्रम में, ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी सफल चुनाव आयोजन के लिए बांग्लादेशी जनता की सराहना की और बीएनपी व रहमान की ऐतिहासिक जीत को सराहा है। गौर करने वाली बात यह है कि यदि बीएनपी सरकार बनाती है, तो तारिक रहमान पिछले 36 वर्षों में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री होंगे।
इस चुनाव की पृष्ठभूमि काफी जटिल रही है, जिसमें शेख हसीना की अवामी लीग के मैदान में न होने के कारण मुख्य मुकाबला बीएनपी और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच देखा गया। हालांकि, जीत की खबरों के बीच जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने मतगणना में देरी और परिणामों में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए हैं। जमात के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जनमत के साथ छेड़छाड़ हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। दूसरी ओर, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए एम एम नासिरुद्दीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रुझानों में उतार-चढ़ाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। गौरतलब है कि इस बार चुनाव के साथ-साथ 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया था, जिसे ‘जुलाई राष्ट्रीय घोषणापत्र’ के नाम से जाना जा रहा है।
चुनाव के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए बांग्लादेश निर्वाचन आयोग ने करीब 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की थी, जो देश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा घेरा है। बीएनपी की ओर से प्रवक्ता महदी अमीन ने दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने का भरोसा जताया है। वहीं, करीब 17 साल के आत्म-निर्वासन के बाद पिछले साल स्वदेश लौटे तारिक रहमान ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने विजय रैलियों के बजाय जुमे की नमाज के बाद देश में सुख-शांति के लिए विशेष दुआएं करने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो कुछ ही घंटों में स्पष्ट होने की संभावना है।





