गौरैया संस्कृति संस्थान द्वारा होली गीत की कार्यशाला का समापन
लखनऊ। गौरैया संस्कृति संस्थान द्वारा होली गीत की कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। संस्था की संस्थापक रंजना मिश्रा ने बताया कि आज जैक एंड जिल स्कूल में 4 बजे से 6 बजे के मध्य अलीगंज,में रीना सिंह जी के संयोजन में किया गया, जिसमें वरिष्ठ लोकगायिका रंजना मिश्रा के निर्देशन में कार्यशाला में धमार, उलारा, चैती, चौताल, होली,रसिया, जबाबी होली इत्यादि सिखाया गया। जिसमें शिव जी की होली बाबा काशी विश्वनाथ गौरा संघे खेलेलें होरी…,होली खेलै सिया रघुवीरा …रसिया रोज मेरे घर आवे…मोरा फागुन मे जियरा बहके लला…जैसे 13गीत सिखाए गए है तत्पश्चात सिर बांधे मुकुट खेलै होरी….सिखाई। उन्होने बताया कि ये गीत होली के अवसर गाए जाते हैं। कार्यशाला में अल्पना श्रीवास्तव, रमा सिंह, अमिता द्विवेदी, सुनीता निगम, नीलम तिवारी, लता तिवारी, ,रीना सिंह, माधुरी सिंह, शशि सिंह, दीपा शर्मा,नीलम सचान, अनुपमा श्रीवास्तव स्मिता अस्थाना, प्रतिमा त्रिपाठी, शशि वर्मा रासी सहित 28 महिलायें आॅनलाईन व आॅफलाइन जुङÞी रही हैं। जिनमें आज सभी प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ अकेले एक एक गीत गाकर अपना आत्मविश्वास प्रकट किया। अपनी परम्परागत थाती के प्रति सम्मान देखा गया, जो हमारी संस्कृति व परम्परा के लिए अत्यन्त आवश्यक है। और जब इस कार्य शाला की प्रस्तुतीकरण होगी तब सूचित किया जाएगा।





