संगीत, संस्कृति और शहर की ऊर्जा के साथ महोत्सव का हुआ समापन
लखनऊ। बोहो फेस्ट के दूसरे और अंतिम दिन लखनऊ ने पूरी ताकत के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शहर के पहले संगीत और सांस्कृतिक महोत्सव का समापन संगीत, भावनाओं और सामूहिक ऊर्जा के साथ हुआ।
इंडी स्टेज पर दिन की शुरूआत स्थानीय प्रतिभा अंश ठाकुर से हुई, जिन्होंने अपनी प्रस्तुति से एक सादा और आत्मीय माहौल बनाया। इसके बाद संध्या के समय पियुष कपूर के सन्डाउनर सेट ने पूरे फेस्टिवल ग्राउंड्स में नई ऊर्जा भर दी। इंडी स्टेज की इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए जतीन शर्मा और सुपरग्रुप ने एक साथ मंच साझा किया, जिसने दिन के संगीतात्मक प्रवाह को खूबसूरती से जोड़ा और मुख्य मंच की ओर ले जाने वाला सही माहौल तैयार किया।
मुख्य मंच पर मामे खान की लोकधुनों और गायकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फेस्टिवल की अंतिम प्रस्तुति रही परेश पाहुजा की, जिन्होंने लखनऊ में पहली बार लाइव परफॉर्म करते हुए बोहो फेस्ट 2025 का भावुक और सुकूनभरा समापन किया। मंचों के अलावा, फेस्टिवल के सभी जोन अंतिम दिन पूरी तरह जीवंत रहे। हीलिंग जोन में ताई ची और ब्रीदवर्क जैसी गतिविधियों ने सुकून के पल दिए। आर्ट फॉरेस्ट में शहर और क्षेत्र के कलाकारों की रचनात्मक प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं। फ़्ली मार्केट और फूड मार्केट में भारी भीड़ रही, जहाँ लोगों ने स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों को समर्थन दिया। बच्चों के लिए किड्स जोन पूरे दिन खुशी और गतिविधियों से भरा रहा, जिसने बोहो फेस्ट को हर उम्र के लोगों के लिए एक समावेशी अनुभव बनाया। दिन के दौरान आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के उप निदेशक और फेस्टिवल टीम ने बोहो फेस्ट को लखनऊ और प्रदेश के लिए एक उभरते सांस्कृतिक मंच के रूप में रेखांकित किया और सरकारी सहयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला। जैसे-जैसे अंतिम सुर थमे और दर्शक देर तक फेस्टिवल ग्राउंड्स में रुके रहे, बोहो फेस्ट का दूसरा दिन इस बात का प्रमाण बन गया कि लखनऊ एक नए सांस्कृतिक अध्याय के लिए तैयार है। अपने पहले संस्करण के साथ, बोहो फेस्ट ने शहर को सिर्फ़ यादें नहीं दीं, बल्कि भविष्य की एक मजबूत सांस्कृतिक नींव भी रखी।
प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल ‘बोहो फेस्ट’ : कल्याण सिंह
लखनऊ। लखनऊ के पहले संगीत और सांस्कृतिक महोत्सव बोहो फेस्ट के दूसरे दिन, कल्याण सिंह उप निदेशक, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने बोहो फेस्ट को लखनऊ शहर और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल बताया।
प्रेस को संबोधित करते हुए कल्याण सिंह ने कहा कि बोहो फेस्ट जैसे आयोजन राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं और उत्तर प्रदेश को एक ऐसे गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जहाँ परंपरा और आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बोहो फेस्ट के फेस्टिवल डायरेक्टर, ने भी मीडिया से संवाद किया। उन्होंने बताया कि बोहो फेस्ट को केवल एक संगीत महोत्सव के रूप में नहीं, बल्कि संगीत, कला, वेलनेस, खान-पान और सामुदायिक अनुभवों को एक साथ लाने वाले सांस्कृतिक मंच के रूप में कल्पित किया गया है। श्री आहूजा ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग ने बोहो फेस्ट की सोच को आकार देने और उसे सफलतापूर्वक साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि बोहो फेस्ट उत्तर प्रदेश की उभरती सांस्कृतिक पहचान को दशार्ता है—जो अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है, लेकिन नए विचारों और अनुभवों को अपनाने के लिए भी तैयार है। सरकारी सहयोग और जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ, बोहो फेस्ट लखनऊ को संगीत, संस्कृति और अनुभवात्मक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।





