मेलबर्न। दुनियाभर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस को पहली बार चीन के बाहर नियंत्रित परिस्थितियों में विकसित किया गया है जिससे इस जानलेवा वायरस से लडऩे में मदद मिल सकती है। इस खतरनाक वायरस से चीन में 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
मेलबर्न विश्वविद्यालय और रॉयल मेलबर्न अस्पताल के शोधकर्ताओं ने बुधवार को बताया कि इस खोज से वायरस की वैश्विक रूप से सही जांच करने और उसका इलाज ढूंढने में मदद मिलेगी। द रॉयल मेलबर्न अस्पताल के जूलियन ड्रूस ने कहा, चीनी अधिकारियों ने इस नोवेल कोरोना वायरस का जीन का समूह जारी किया था जो इस रोग की पहचान करने में मददगार है।
हालांकि असली वायरस का होने का मतलब है कि अब जांच की सभी पद्घतियों का सत्यापन करने की क्षमता है जो इस रोग के निदान में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। प्राकृतिक वातावरण के बाहर जो वायरस विकसित किया गया है उसका इस्तेमाल एंटीबॉडी जांच विकसित करने में किए जाने की संभावना है। इससे उन मरीजों में भी वायरस का पता किया जा सकेगा जो लक्षण नजर नहीं आने के कारण खुद के संक्रमित होने की बात से अनभिज्ञ हैं।





