- अग्रिम मोर्चों में हाई अलर्ट पर हमारे जवान
- गलवान घाटी में हमारे शूरवीरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे
हैदराबाद। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने शनिवार को यहां कहा कि वायुसेना वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति से पूरी तरह अवगत है तथा हालात का आकलन कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना लक्ष्य पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार तथा उपयुक्त जगह पर तैनात है।
इसके पहले एयरफोर्स ने सुखोई-30 एमकेआई, मिराज 2000 और जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट को फॉरवर्ड बेस पर भेज दिया है। ताकि, वे शॉर्ट नोटिस पर भी उड़ान भर सकें। यहां डुंडीगल में वायुसेना अकादमी (एएफए) में कम्बाइंड ग्रैजुएशन परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वायुसेना लक्ष्य पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और वह लद्दाख की गलवान घाटी में हमारे शूरवीरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देगी।
हम लक्ष्य पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं
गलवान घाटी में 15 जून को पांच दशकों में चीन के साथ अब तक के सबसे बड़े सैन्य टकराव की पृष्ठभूमि में वायु सेना प्रमुख ने कहा कि बल किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए कि हम पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिये उपयुक्त जगह पर तैनात हैं। मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम लक्ष्य पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं तथा गलवान के अपने शूरवीरों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
एलएसी हो या एलएसी के अलावा तैनाती हो
बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चाहे एलएसी हो या एलएसी के अलावा तैनाती हो। हमारे पास पूरा आकलन है और हमने इस तरह की तैनाती से पैदा होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि देशभर में भारतीय वायु सेना के अड्डों पर वे सभी आवश्यक कदम उठाए गए है जो स्थिति से निपटने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने चीनी हवाई अड्डों से संबंधित सवाल पर कहा कि हम जानते हैं उनके (चीनी) अड्डे कहां है।
हम किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार हैं
हम जानते हैं उनके हवाई क्षेत्र कहां हैं, उनकी तैनाती कहां है, उनके संचालनात्मक अड्डे कहां हैं। भदौरिया ने कहा कि सैन्य वार्ता के दौरान हुए समझौतों के बाद चीन की अस्वीकार्य कार्रवाई और उसके परिणामस्वरूप जान के नुकसान के बावजूद सभी प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे थे कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूदा स्थिति शांतिपूर्ण तरीके से हल हो जाए। यह पूछे पर कि क्या भारत का चीन के साथ युद्ध चल रहा है, इस पर उन्होंने कहा कि आप सैन्य स्तर पर हो रही वार्ता से अवगत हैं, लेकिन हम किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार हैं।
चीन हर साल विवादित इलाके में तैनाती और अभ्यास करता है
उन्होंने कहा कि चीन हर साल विवादित इलाके में तैनाती और अभ्यास करता है लेकिन इस बार गतिविधि बढ़ी है और कुछ बदलाव हुए हैं जिन पर नजर रखी जा रही है। भदौरिया ने कहा कि हमारे क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य हमारे सशस्त्र बलों को हर समय तैयार और सतर्क रहने को कहता है। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति इस बात का छोटा सा नजारा है कि बेहद कम समय में स्थिति से निपटने के लिए हमें क्या करने की जरूरत है।





