राय उमानाथ बली प्रक्षागृह में कथक संध्या का आयोजन
लखनऊ। बिरजू महाराज कथक संस्थान (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा प्रतिमाह आयोजित की जाने वाली मासिक कथक संध्या के अन्तर्गत मंगलवार को कथक संध्या का आयोजन राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रो. सुनीता मिश्रा, (प्रभारी कुलपति, बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष डॉ0 कुमकुम धर एवं उपाध्यक्ष डॉ0 मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहे।
कथक संध्या के शुभ अवसर पर डॉ. मनीषा मिश्रा ने अपनी भावपूर्ण कथक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का प्रांरभ ऊँ नम: शिवाय पंचाक्षरी महामंत्र पर आधारित नृत्य से किया, जिसमें भगवान शिव के विभिन्न रूपों का प्रभावशाली चित्रण प्रस्तुत किया गया। कर्पूरगौरं् एवं जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले जैसे पदों के माध्यम से शिवत्व की अभिव्यक्ति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके उपरांत उन्होंने शुद्ध पारंपरिक कथक शैली में सोलह मात्रा (तीनताल) पर आधारित प्रस्तुति दी, जिसमें ठाठ, आमद, तोडे़, परन एवं जुगलबन्दी का सुन्दर प्रदर्शन किया गया। उनकी लयकारी एवं नृत्य-कौशल ने उपस्थित दर्शकों की सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति दादरा रही, जिसके बोल थे- डगर बिच कैसे चलूं, पग रोके कन्हैया। इस भावप्रधान प्रस्तुति में राधा-कृष्ण के मधुर संबंधों का सजीव चित्रण किया गया, जिसने वातावरण को रसपूर्ण बना दिया। इस दौरान सहयोगी कलाकारों के रूप में तबले पर रविनाथ मिश्रा एवं आराध्या प्रवीण, गायन एवं हारमोनियम पर प्रवीण कश्यप तथा मंजूषा मिश्रा, सितार पर नवीन मिश्रा तथा पढ़न्त पर आराध्या प्रवीण द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त सह-नृत्यांगनाओं के रूप में प्रेरणा विश्वकर्मा एवं वंशिका शर्मा का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम में उपस्थित कला प्रेमियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।े। कार्यक्रम का संचालन श्री राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा जी के द्वारा किया गया।





