लखनऊ। अक्षय तृतीया सनातन धर्म का एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है। इसे ‘अक्षय तृतीया’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस दिन किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल कभी क्षय नहीं होता, बल्कि अक्षय (अनंत) फल मिलता है। यह दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित है। शास्त्रों में इस दिन दान, पूजा, जप और खरीदारी को विशेष पुण्यदायी माना गया है। इस वर्ष अक्षय तृतीया की तिथि को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन है। पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026, रविवार को सुबह 10:50 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल 2026, सोमवार को सुबह 07:27 बजे समाप्त होगी। मध्याह्न व्यापिनी तृतीया के नियम के अनुसार अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल 2026 को ही मनाया जाएगा। इस दिन मध्याह्न काल में तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए शास्त्र सम्मत तिथि 19 अप्रैल है।
अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व
अक्षय तृतीया को ‘अक्षय’ कहने का कारण यह है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और शुभ कार्य कभी नष्ट नहीं होता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं। जो व्यक्ति इस दिन स्नान, दान, पूजा और खरीदारी करता है, उसे अक्षय पुण्य और समृद्धि प्राप्त होती है। यह दिन नए कार्य शुरू करने, विवाह, गृह प्रवेश और सोना-चांदी खरीदने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
सोना खरीदने का महत्व
अक्षय तृतीया पर सोना या चांदी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन सोना खरीदने से पूरे साल धन-धान्य और वैभव की प्राप्ति होती है। कई लोग इस दिन आभूषण, सिक्का या सोने की छोटी वस्तु खरीदते हैं। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदा गया सोना कभी व्यर्थ नहीं जाता और परिवार में बरकत बनाए रखता है।
अक्षय तृतीया पर दान का महत्व
इस दिन दान का विशेष महत्व है। शास्त्रों में सत्तू, जल भरा कलश, पंखा, अनाज, वस्त्र और फल का दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। गरीबों और ब्राह्मणों को दान देने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। जो व्यक्ति इस दिन दान करता है, उसे जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती है।
अक्षय तृतीया की पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर में लक्ष्मी-विष्णु जी की पूजा करें। पीले फूल, चंदन, अक्षत और मिठाई अर्पित करें। ‘ॐ लक्ष्मी नारायणाय नम:’ मंत्र का जाप करें। दान अवश्य करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। अक्षय तृतीया 2026 पर इन नियमों का पालन करें तो माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहेगी। इस शुभ दिन पर किए गए कार्य जीवन भर फल देते रहेंगे।





