इस्लामाबाद। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगान सीमा के भीतर घुसकर भीषण एयरस्ट्राइक की है, जिसमें अब तक 19 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह दावा किया गया है कि इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला विशेष रूप से प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को लक्ष्य बनाकर किया गया था। पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्ट्राइक पिछले कुछ समय से पाकिस्तान के भीतर बढ़ते आत्मघाती हमलों का एक कड़ा जवाब है, जिसके तार सीधे तौर पर टीटीपी और इस्लामिक स्टेट खोरासान (IS-K) से जुड़े पाए गए थे।
पाकिस्तानी वायुसेना ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अपने बेड़े के सबसे आधुनिक एफ-16 (F-16) और जेएफ-17 (JF-17) थंडर लड़ाकू विमानों का उपयोग किया। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में स्थित एक मदरसे पर भी बमबारी की गई है, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी सेना ने स्पष्ट किया है कि उनके पास पुख्ता खुफिया जानकारी थी कि इन ठिकानों का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी साजिश रचने के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई के साथ ही पाकिस्तान ने अफगान सरकार को कड़ा संदेश देते हुए अपील की है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए न होने दे और अपनी जमीन पर पनप रहे इन संगठनों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कदम उठाए।
दूसरी ओर, अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान प्रशासन ने इस एयरस्ट्राइक को ‘कायराना हरकत’ करार देते हुए पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है। तालिबान सरकार का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों को निशाना बनाया है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में मारे गए लोगों में मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे दर्दनाक खबर पक्तिका प्रांत से आई है, जहां दावा किया गया है कि एक ही परिवार के 19 सदस्य इस बमबारी की भेंट चढ़ गए। तालिबान ने पाकिस्तान के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि हमले केवल आतंकी ठिकानों पर हुए थे और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
तालिबानी सेना के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। प्रवक्ता का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने फिर से अफगान क्षेत्र की सीमा में घुसपैठ कर अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। बीती रात नांगरहार और पक्तिका प्रांतों में हुई इस तबाही ने मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। तालिबान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक नाकामियों को छिपाने के लिए अक्सर इस तरह के सीमा पार हमलों का सहारा लेता है ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके। फिलहाल तालिबानी प्रशासन मौके पर हुए नुकसान का विस्तृत जायजा ले रहा है और घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने चेतावनी दी है कि इस रक्तपात का बदला जरूर लिया जाएगा और वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। रणनीतिकारों का मानना है कि इस एयरस्ट्राइक के बाद डूरंड लाइन पर तनाव और अधिक गहरा सकता है, जिससे न केवल इन दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ेगा, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि तालिबान इस हमले का जवाब किस तरह देता है और क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते विवाद को सुलझाने में कोई भूमिका निभाएगा।





