वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। लोगों को एम्स व मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों की सलाह घर बैठे मिलेगी। उन्हें इसके लिए इन संस्थानों में डॉक्टर से मिलने के लिए दौड़-भाग नहीं करनी होगी। ई-संजीवनी टेली कंसल्टेशन सेवा से दो एम्स और 25 मेडिकल कॉलेजों को जोड़ा गया है। आने वाले समय में नये मेडिकल कॉलेजों को भी इससे जोड़ा जायेगा।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का कहना है कि प्रदेश में तीन साल पहले वर्ष 2020 में ई-संजीवनी टेलीकंसल्टेशन सेवा शुरू की गई। लोगों को घर बैठे चिकित्सीय सलाह देने के लिए यह सुविधा काफी लाभदायक रही। इसको देखते हुए गोरखपुर व रायबरेली एम्स भी ई-संजीवनी टेलीकंसल्टेशन को इस सेवा से जोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही नए मेडिकल कॉलेजों को भी टेलीमेडिसिन से जोड़ा जाएगा। इस दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं।
वहीं ग्रामीणों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन सेवा से प्रदेश के 250 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ा जा चुका है। मार्च तक 12942028 लाभार्थियों को 1462410 कन्सलटेशन सेवाएं प्रदान की जा चुकी है। डिप्टी सीएम ने बताया कि टेलीमेडिसिन मरीजों के लिए सुविधाजनक साबित हो रहा है। मरीजों को दौड़भाग से भी काफी हद तक राहत मिली है। प्रदेश में टेलीरेडियोलॉजी सेवाएं 361 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में संचालित की जा रही हैं। मार्च 2023 तक 19,72,093 लाभार्थियों को सेवा प्रदान की गई है।





