वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने शनिवार को मुख्य सचिव से मिले। उन्होंने मुख्य सचिव को छह सूत्री मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन सौंपकर जल्द निस्तारण की मांग की है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि अपनी समस्याओं को लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा है।
इसमें हमारी प्रमुख मांगे नियमावली में संशोधन कर शिक्षा मित्रों की योग्यता पूर्ण कराकर पुन: समायोजित या नियमित किया जाय और समायोजन प्रक्रिया पूर्ण होने तक 12 माह 62 वर्ष की सेवा सुरक्षित करते हुए सम्मानजनक वेतनमान दिया जाय। नई शिक्षा नीति में शिक्षा मित्रों को सम्मिलित कर इनका भविष्य सुरक्षित किया जाय। मृतक शिक्षा मित्रों को अहेतुक सहायता देते हुए परिवार के आश्रित को जीविकोपार्जन के लिए नियुक्ति दिया जाय। टेट (टीईटी) पास शिक्षा मित्रों को नियमों में शिथिलता देते हुए सहायक अध्यापक पद पर नियमित किया जाय। मूल विद्यालय में वापसी से वंचित शिक्षा मित्रों को पुन: एक अवसर देते हुए मूल विद्यालय में वापस किया जाय एवं महिला शिक्षा मित्रों का विवाह के बाद उनके ससुराल के जनपद के विद्यालय में स्थानान्तरित किया जाय।
प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के शिक्षा मित्र प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 22 वर्षो से गांव के गरीब, शोषित, वंचित, पिछड़ों के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। लगभग 1.5 लाख शिक्षामित्र आज अपने बच्चों की पढ़ाई परिवार की परवरिश, दवाई, बच्चों की शादी आदि को लेकर चिंतित हैं। प्रदेश के शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो चुकी हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण शिक्षामित्रों के परिवार में प्रत्येक दिन औसतन चार से पांच लोगों की असामयिक मृत्यु हो रही है जो कि अत्यन्त कष्टमय व पीड़ादायक है।





