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किसानों की सुविधा के लिए यूपी में बनेंगे 5,000 गोदाम : एमवीएस रामीरेड्डी

  • पहले चरण में 10 गांव पर एक गोदाम बनाने का प्रस्ताव

  • भंडारण क्षमता में 8.60 लाख मीट्रिक टन की होगी बढ़ोत्‍तरी

  • हजारों पदों पर नौकरी के मौके भी मिलने हैं मिलने तय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश किसानों को अपनी फसल बचाने और ख़राब होने के डर से जल्दी बेचने के लिए भागदौड़ नहीं करना पड़ेगी। किसानों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार गांवों में 5,000 भंडारण गोदाम बनाने जा रही है।
राज्‍य सरकार की योजना लगभग हर गांव पर एक भंडारण गोदाम बनाने की है, हालांकि पहले चरण में करीब हर 10 गांव पर एक गोदाम बनाने का प्रस्‍ताव तैयार किया गया है। राज्‍य सरकार इन भंडारण गोदामों के जरिये केयरटेकर, एकाउंटेंट, सुरक्षाकर्मी और सुपरवाइजर जैसे हजारों पदों पर नौकरी के मौके भी मिलने तय हैं।
अपर मुख्य सचिव सहकारिता एमवीएस रामीरेड्डी ने सोमवार को बताया कि  किसानों की उपज का बेहतर मूल्‍य दिलाने का वादा पूरा करने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है । गांवों में पांच हजार भंडारण गोदाम बना कर राज्‍य सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे 5000 गोदामों से प्रदेश की भंडारण क्षमता में 8.60 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोत्‍तरी होगी।
अपर मुख्य सचिव सहकारिता ने बताया कि भंडारण की व्‍यवस्‍था न होने से किसानों को फसल बचाने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ता है। ज्‍यादातर किसानों को उपज खराब होने के डर से मजबूरी में काफी कम कीमत में अपनी फसल बेचनी पड़ती है। व्‍यापारी और आढ़ती किसानों की इस मजबूरी को समझते हैं और मौके के इंतजार में रहते हैं।
भंडारण की सुविधा बढ़ जाने के बाद किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और बेहतर कीमत मिलने पर बाजार में बेच सकेंगे। भंडारण गोदामों के निर्माण को किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बेहद कारगर कदम माना जा रहा है। खास तौर से प्रदेश के छोटे और मझोले किसानों के लिए गोदाम वरदान साबित हो सकते हैं।
रामीरेड्डी ने बताया कि कृषि उत्पादन आयुक्त ने बैठक कर प्रस्ताव को जल्द फाइनल करने के निर्देश सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दिये हैं। इन सभी गोदामों की कुल भंडारण क्षमता करीब 8.60 लाख मीट्रिक टन होगी। ग्राम पंचायतों और ब्लाक स्तर पर गोदाम बनाये जाने हैं। प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा।
इन गोदामों में सीजन में किसानों से खरीदे जाने वाले अनाज के साथ ही किसान भी अपना अनाज रख सकेंगे। किसानों को अपना उत्पाद घर के पास रखने की सुविधा मिलेगी। ये भंडारण गोदाम सिर्फ किसानों की आय ही नहीं बढ़ाएंगे बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का भंडार भी खोलेंगे।

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