लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगाये जा रहे स्मार्ट मीटर पर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा अब तक लगभग 2600 से ज्यादा उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में भार कई गुना तक कर गया जम्प जिससे सैकड़ों रूपये का बिल बन गया कई हजारों।
उपभोक्ता परिषद ने पूरे मामले को लेकर निदेषक वाणिज्य पावर कार्पोरेषन व निदेषक वाणिज्य मध्यांचल से की मुलाकात तो उड़ गये उनके होश कार्पोरेशन का आष्वासन मीटर निर्माता कम्पनी को अविलम्ब भेजी जायेगी नोटिस। 1 किलोवाट वाले उपभोक्ता का भार जम्प करके पहुंचा कहीं 65, कहीं 55 तो कहीं 60 किलोवाट कहीं कुछ और जिससे पूरे प्रदेष में उपभोक्ताओं में व्यापक आक्रोश।
पूरे प्रदेश में भारत सरकार की कम्पनी एनर्जी एफिशिएन्सी सर्विसेज लि0 (ई0ई0एस0एल0) द्वारा लगाये जा रहे स्मार्ट मीटर पर आज उपभोक्ता परिषद जो खुलासा करने जा रहा है, वह उपभोक्ता परिषद द्वारा पूर्व में कही गयी सभी बातों को सच साबित करेगा। पहले घटिया मीटर के चलते रीडिंग जम्पिंग के मामले में उपभोक्ता परिषद की शिकायत पर खुलासा होने के बाद कम्पनी को ब्लैक लिस्ट किया गया। अब प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के घर में लग रहे स्मार्ट मीटर पर लम्बे समय से काम कर रही उपभोक्ता परिषद की टीम ने जो मामला उजागर किया है, वह सभी के होश उड़ा देगा। अब तक प्रदेश में लगभग 7 लाख मीटर से ज्यादा लग चुके हैं।
वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर सहित राजधानी लखनऊ में उपभोक्ताओं के घर में लगे स्मार्ट मीटर अधिकतम भार का पैरामीटर बड़े पैमाने पर जम्प कर रहा है। 1 किलोवाट भार वाले उपभोक्ता का भार जम्प करके कहीं 65 किलोवाट, कहीं 55 तो कहीं 60 किलोवाट तक पहुंच गया, जिससे बिजली का बिल कई गुना अधिक तक बन गया। इन शहरों में यह संख्या लगभग 2600 के ऊपर पहुंच गयी है।
पावर कार्पोरेशन ने यह बात स्वतः मानी है और ई0ई0एस0एल0 को पत्र लिखा है कि वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में लगभग 2012 नग मीटर का भार अत्यधिक जम्प किया है, जिसमें मे0 जेन मेक मीटरों की संख्या 242 है और मे0 जीनस मेक मीटर की संख्या 1770 है। पावर कार्पोरेशन ने यह बात मानते हुए ई0ई0एस0एल0 से जवाब तलब भी किया है। स्मार्ट मीटर में भार जम्प के मामले में लखनऊ में यह संख्या लगभग 500 से अधिक है, जिसका अभी तक खुलासा हुआ है। यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
उ0प्र0 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज पूरी जानकारी इकट्ठा करने के बाद इस पूरे प्रोजेक्ट को देख रहे पावर कार्पोरेशन के निदेषक वाणिज्य व मध्यांचल के निदेषक वाणिज्य से अलग-अलग मुलाकात की और उनके सामने तथ्य रखे, तो उन्होंने स्वीकार किया कि मामला गम्भीर है।
निदेषक वाणिज्य पावर कार्पोरेशन श्री ए0के0 श्रीवास्तव ने कहा जल्द ही कम्पनी को नोटिस भेजकर जो भी जरूरी कार्यवाही होगी की जायेगी। वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद ने मध्यांचल के निदेशक वाणिज्य को राजधानी लखनऊ के 3 विद्युत उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर संख्या देकर बिल निकलवाने की मांग उठायी। जब निदेषक वाणिज्य मध्यांचल ने बिल निकलवाया तो उनके भी होष उड़ गये। उदाहरण के तौर पर लखनऊ राजधारी के उपभोक्ताओं के जम्पिंग मामले निम्नवत् हैं-
उपभोक्ता का संयोजित भार जम्प के बाद का भार स्मार्ट मीटर संख्या (लेसा)
1 किलोवाट 65.53 किलोवाट जी0पी0 4397437
1 किलोवाट 65.03 किलोवाट जी0पी0 4491668
1 किलोवाट 55.19 किलोवाट जी0पी0 4493709
1 किलोवाट 60.48 किलोवाट जी0पी0 4527149
2 किलोवाट 55.76 किलोवाट जी0पी0 4518069
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भार पैरामीटर जम्प कर रहा है तो निष्चिततौर पर मीटर में मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट है। ऐसे में यह कहना बिल्कुल उचित होगा कि जब भार जम्प कर रहा है तो हो सकता है यूनिट भी जम्प कर रही हो। ऐसे में इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर जो भी लोग दोषी हैं उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही करायी जाये और साथ ही घटिया मीटर निर्माता कम्पनियों को अविलम्ब ब्लैक लिस्ट किया जाये।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा ई0ई0एस0एल0 कम्पनी को पिछले एक सप्ताह में जो पत्राचार पावर कार्पोरेशन मुख्यालय द्वारा किया गया है, वह बेहद चैंकाने वाला है। उसमें स्मार्ट मीटर में उठायी गयी अप्रत्याशित समस्याओं का उल्लेख करते हुए यहां तक लिखा गया है कि स्मार्ट मीटर वाले विद्युत संयोजन जोड़ने में समस्या उत्पन्न होने की वजह से पिछले सप्ताह प्रबन्ध निदेषक पश्चिमांचल/मुख्य अभियन्ता मेरठ के घर को रात में लगभाग 300 उपभोक्ताओं द्वारा अपनी समस्या का समाधान कराने हेतु घेराव तक किया गया। आगे कार्पोरेशन ने यह भी कहा है कि स्मार्ट मीटर के बारे में जनता के बीच गलत संदेश गया है और कार्पोरेषन की छवि धूमिल हुई है। अविलम्ब ई0ई0एस0एल0 जवाब दे अन्यथा स्मार्ट मीटर लगाये जाने की कार्यवाही पर रोक भी लगायी जा सकती है।





