खेल समाचार: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर मानते हैं कि सौरव गांगुली अपने समय में भारत के महानतम बल्लेबाजों में से एक रहे हैं क्योंकि विपक्षी टीम चाहें कितनी भी मजबूत क्यों न हो, सौरव ने कभी भी कदम पीछे नहीं हटाए। गावस्कर ने कहा, इस सदी की शुरुआत से ही भारत के पास कई दिग्गज बल्लेबाज रहे हैं। इनमें सौरव गांगुली का नाम सबसे ऊपर रखना चाहूंगा।
गांगुली थे बेस्ट
गावस्कर ने कहा, सौरव की कप्तानी और उनकी बल्लेबाजी काफी उम्दा थी। उन्होंने आगे कहा, इसके अलावा एक खिलाड़ी के तौर पर अनिल कुंबले को नहीं भूलना चाहिए और वह ऐसा समय था, जब महेंद्र सिंह धोनी एक खिलाड़ी के तौर पर उभर रहे थे।
विराट कोहली के इशारों पर नाच रही है सेलेक्शन कमिटी
बता दें कि गावस्कर वर्ल्ड कप के दौरान और उसके बाद चयन समिति की भूमिका को लेकर काफी नाराज हैं। गावस्कर के मुताबिक, एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली चयन समिति कड़े और अहम फैसले नहीं ले पा रही है। गावस्कर को इस बात का गुस्सा है कि वेस्टइंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी बैठक के हो गया। गावस्कर ने कहा, इससे यही सवाल उठता है कि या तो चयन समिति कप्तान कोहली के इशारे पर काम कर रही है या फिर चयन समिति कप्तान को खुश करने के लिए काम कर रही है।
भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद भी विराट कोहली को स्वाभाविक तौर पर कप्तान बनाए रखे जाने के फैसला पर सवाल खड़े किए हैं। गावस्कर मानते हैं कि कोहली को दोबारा कप्तानी सौंपे जाने से पहले आधिकारिक बैठक होनी चाहिए थी। बीसीसीआई के एक तबके का यह मानना था कि 2023 वर्ल्ड कप के ध्यान में रखते हुए तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान बनाया जाना एक अच्छा कदम हो सकता था और इससे आने वाले समय में टीम को फायदा होता।





